अपनी समस्याओं का समाधान बनिए, प्रेरक कहानी

हमारी आज की कहानी है नज़रअंदाज़। पूरी दुनिया में करोड़ों लोग ऐसे मिल जाएगा जो अपनी कमियों को, अपनी गलतियों को या कहे तो अपनी परेशानियों को भी नज़रअंदाज़ कर देते है। छोटी सी परेशानी आ जाये तो हम सोचते है छोड़ो ना कोई समय निकालें इसे ठीक करने के लिए वैसे भी क्या फर्क पड़ेगा इससे। लेकिन हम ये नहीं सोचते कि एक दिन ऐसा आएगा जब वहीं छोटी सी परेशानी इतनी बड़ी बन जाएगी कि उसे तोड़ पाना मुश्किल हो जाएगा। कहानी उस समय की है जब एक आठ साल का लड़का हर रोज़ अपने पापा के साथ घूमने के लिए जाता था।

अपने पापा के साथ उसे खेलना-कूदना अच्छा लगता था। इसलिए हर रोज़ पापा के घर आने के बाद श्याम को उन्हें घूमने के लिए कहना शुरू कर देता। बच्चे की जिद के आगे पापा हार जाते और हर रोज़ उसे घुमाने ले जाते। लेकिन आज पापा को कुछ अलग करना था। उन्होंने अपने लड़के से कहा बेटा आज हम दौड़ लगाते है। जो जीत जाएगा वो विजेता बन जायेगा। उन्होंने दौड़ना शुरू किया, लेकिन थोड़ी दूर दौड़ने के बाद पापा रुक गए क्योंकि उनके जूते के अंदर कोई कंकर चला गया था। लड़के ने पूछा क्या हुआ पापा, आप रुक क्यों गए।
जीत और हार आपकी सोच पर ही निर्भर करते हैं! मान लो तो हार होगी और थान लो तो जीत होगी।

पापा ने जवाब दिया कुछ नहीं बेटा बस कुछ कंकर चले गए है जूते के अंदर वो निकाल रहा हूँ। लड़के ने कहा अभी निकालने का समय नहीं है मेरे जूते के अंदर भी कंकर है लेकिन उन्हें निकालने में समय खराब करूँगा तो हार जाऊँगा। इतना कहते ही दौड़ता हुआ आगे निकल गया। पापा ने कंकर निकाले ओर फिर से दौड़ना शुरू कर दिया। थोड़ी देर बाद लड़के के भागने की स्पीड कम हो गयी, क्योंकि जितना दर्द बर्दाश्त कर सकता था वो कर लिया अब और ज्यादा बर्दाश्त नहीं हो रहा था।
हमेशा याद रखिए कि सफलता के लिए किया गया आपका अपना संकल्प किसी भी और संकल्प से ज्यादा महत्व रखता है।

लेकिन फिर भी नहीं माना और धीरे-धीरे भागता रहा। एक समय ऐसा आया जब वो रुक गया और रोने लग गया। पापा उसके पास पहुँचे ओर जल्दी से उसके जूते उतारे ओर देखा कि उसके पैर पर चोट लगी हुई थी कंकर की वजह से। गोदी में उठाकर घर ले गए और मरहम-पट्टी करने के बाद समझाया। जिंदगी में कभी भी प्रोब्लेम्स आये लेकिन समय नहीं है ऐसा कहकर इग्नोर मत करना। चाहे प्रॉब्लम कितनी भी छोटी क्यों ना हो। अगर प्रोब्लेम्स को इग्नोर कर दिया तो आगे जाकर एक विकराल रूप धारण कर लेगी ओर यहीं हमारी असफलता का कारण बनेगी।

दोस्तों हर किसी की जिंदगी में प्रोब्लेम्स आती है। हमने बहुत से लोगो को देखा होगा जो अपनी प्रोब्लेम्स को चीरते हुए आगे निकल जाते है। क्योंकि वो प्रोब्लेम्स के आते ही उसे नष्ट कर देते है। अपनी समस्या का समाधान बनिये ना कि अपनी असफलता का कारण।

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