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Showing posts from January, 2018

अगर चाहते हैं जीवन में सुख-शांति, तो ये उपाय आपके लिए हो सकते हैं कारगर

खुशियाँ यदि तलाशनी है तो अपनेपन में तलाशिए ,स्वस्थ जीवन के आनन्द में तलाशिए ,दुसरो को खुशी देने में तलाशिए | जो खुशियो को दौलत कमाने या पाने में तलाशते है उनकी तलाश हमेशा  अधूरी व् अपूर्ण होती है | वे बहुत कुछ पाकर भी खाली हाथ रह जाते है | हमारे देश की आधे से अधिक लोग ऐसे है जो दिन रात पैसा कमाने के लिए संघर्ष करते है | अधिकांश लोगो के पास रहने के लिए घर नहीं , किराये पर रहते है ,कई लोग ऐसे है जो झुग्गी झोपड़ियो में रहते है और किसी तरह अपना गुजारा करते है | सभी को यह लगता है की इस दुनिया में यदि सुख से जीना है तो इसके लिए बहुत सारा पैसा होना जरुरी है | दुनिया में यदि यश कमाना है , शोहरत कमाना है तो भी ऐसा लगता है की पैसा होना जरुरी है और यह सच भी है कीबिना पैसे के आदमी दो वक्त का खाना भी नहीं खा सकता | इसलिए पैसा हमारी जीविका के लिए एक अनिवार्य हिस्सा है ,लेकिन यदि यह सोचा जाए की पैसे के साथ हमारे जीवन की सारी खुशियाँ जुडी है तो यह अधुरा सच है | “दौलत और शोहरत का सच यही है की इससे मनुष्य के अहं को संतुष्टि मिलती है , परन्तु इससे मिलने वाला सुख अस्थाई होता है इससे केवल भौतिक सुख उपलब्ध क

सौंफ के ऐसे फायदे जो आपने सोचे भी नहीं होंगे

सौंफ के ओषधीय गुण सौंफ हर घर में उपलब्ध होती है और मसाले के रूप मे भी इसका प्रयोग किया जाता है इसकी प्रकृति ठंढी है और इसका लेटिन नाम “ फोनिक्युलम वलगेरे ” है | सौंफ का प्रधान क्रिया पाचन संस्थान पर होती है | भोजन करने के नित्य एक चम्मच सौंफ का सेवन शरीर को स्वस्थ रखता है और भोजन को पचाने में मदद करता है | सौंफ में कई गुणकारक तत्व होते है इसमें भरपूर मात्रा में पौष्टिक तत्व भी होते है इसके पौष्टिक तत्वों में प्रोटीन , लिपिड , कैल्शियम , आयरन , जिंक ,सिलेनियम , पोटेशियम और सोडियम होते है | यदि आपको अधिक निद्रा की शिकायत रहती है , हर समय नींद ,सुस्ती आती है , तो १० ग्राम सौंफ को आधा लीटर पानी में उबालकर चौथाई रह जाने पर थोडा स नमक मिलाकर  सुबह –शाम ५ दिन तक पिये ,इससे नींद कम आएगी | यदि अनिद्रा की शिकायत रहती है तो १५ ग्राम सौंफ आधा लीटर पानी में उबाले , चौथाई रहने पर छानकर उसमे गाय का २५० ग्राम दूध और १५ ग्राम घी मिलाए , इसमें स्वादानुसार चीनी मिलाकर सोते समय पीने से नींद अच्छी आती है | यदि पेट में कब्ज हो तो चार चम्मच सौंफ एक गिलास पानी में डालकर उबाले और उसे छानकर पिए | इससे कब्ज दूर

भय क्या है? और इसे काबू कैसे करें

भय क्या है? What is Fear in hindi कभी –कभी हम सबके मन में किसी न किसी कारण भय रहता है | भय हमेशा कमजोर मानसिकता में उपजता है और नकारात्मक दिशा में व्यक्ति के चिंतन को ले जाता है | भय कभी भी जीवन के सकारात्मक पक्ष को नहीं देखता है और नहीं देखने देता है | भय जीवन की उन अनजानी चीजो से बी होता है म जिनसे हमारा कभी सामना नहीं हुआ और भय उन कारणों से भी हो सकता है , जिनसे हम परिचित है | चर्चिल के अनुसार – “भय अँधेरे के समान है और साहस रोशनी के समानं , साहस के आ जाने से भय खुद ब खुद समाप्त हो जाता है यदि हमारे पास साहस है तो हम निर्भय होकर अपनी सफलता की कहानी खुद लिख सकते है ” एवरेस्ट पर चढने वाले नेत्रहीन एरिक वीहेनमेयर   से जब पूछा गया की क्या आपको भय नहीं लगता ? तो उनका जवाब था की कदम कदम पर मैंने अपने भय पर जीत हासिल की है और आखिरी कदम पर भी भय से मेरा सामना हुआ , जिसने मुझे एवरेस्ट तक पहुँचाया | भय हमारे जीवन में तरक्की की और बढने वाले हर कदम को रोकने के लिए आता है | भय के कारण मन में कई तरह के बुरे विचार उठते है , शंकाएँ जन्म लेती है और हम बढ़ते हुए कदमो को पीछे की ओर खीच लेते है , क्यों

जानिए किस व्यक्ति ने कहा, पाकिस्तानियों को IPL में खेलने नहीं दिया जाता है

क्या सचमुच IPL 2018 में खेलेंगे पकिस्तानी खिलाडी - पटना: क्या आप जानते हैं पूरी दुनिया में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले क्रिकेट मुकाबले को देखना पसंद करती है। क्योंकि इन दोनों देशों के बीच जब भी मुकाबला होता है, तो क्रिकेट के सबसे बड़े मुकाबलों का रिकॉर्ड तोड़ता है। लेकिन बीते कई वर्षों से इन दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट पूरी तरह बंद है। ऐसे में आईसीसी के बड़े टूर्नामेंट में लोग भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले का इन्तजार करते हैं। 23 जनवरी को पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज गेंदबाज़ शोएब अख्तर ने एक बयान में कहा कि उन्हें दुःख होता है कि इस जनरेशन के खिलाड़ी भारत-पाक के बीच क्रिकेट मैदान पर होने वाली रिवालरी का अनुभव नहीं कर पाएंगे। क्योंकि दोनों मुल्कों के राजनीतिक संम्बध अच्छे नहीं चल रहे हैं। यही बात लोगों को आईपीएल में भी खलती है, क्योंकि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को आईपीएल में खेलने की अनुमति नहीं मिली हुई है। लेकिन क्रिकेट प्रेमी चाहते हैं कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को आईपीएल में खेलने की अनुमति मिलनी चाहिए, क्योंकि क्रिकेट से राजनीति को दूर रखना चाहिए। आपको क्या लगता है

अगर आप दुखी है तो एक बार अवश्य पढ़ें और जाने 4 खास बातें

मुसीबत एक ऐसी सत्यता है जो हमे जीवन जीने का सही मार्ग सीखा जाती है अगर आप ऐसा सोचते है कि सिर्फ ग़रीब इंसान के नसीब में ही दुःख है तो आप बिलकुल गलत है क्योंकि दुःख हमेशा धन से जुड़ा नहीं होता। यदि आप भी किसी कारण से दुखी है तो इस लेख को अवश्य पढ़े क्योंकि इससे आपका मन हल्का ही नहीं बल्कि आपको जीवन जीने की ऐसी राह मिल जाएगी कि फिर आपको दुःख का समय भी अच्छा लगने लगेगा। दुखी व्यक्ति सोचता है कि इस संसार में सारा दुःख उसी पर आ पड़ा है लेकिन कभी ऐसा नहीं सोचते कि इस दुनिया में कुछ ऐसे भी लोग जीवन को आनंद के साथ गुजार रहे है जिनके पास रहने के लिए मकान नहीं है और पहनने के लिए कपड़े तक नहीं है। जब ऐसे लोग खुशी के साथ जीवन गुजार सकते है तो आप क्यों नहीं? दुःख का समय हर किसी का आता है उस समय में आपको यह चार मुख्य बातें दिमाग में बैठा लेनी चाहिए। 1. अगर आप अपनी जिंदगी में सफल बनना चाहते है तो कभी भी अपने ज्ञान का गलत प्रयोग न करें। हमें ज्ञान का प्रयोग सिर्फ सही दिशा में करना चाहिए। 2. अगर आप हमेशा दूसरों का बुरा सोचते हैं तो आप अपना कोई भी काम ठीक से नहीं कर सकते। क्योंकि जब भी आप अपना काम करेंग

होम्योपैथिक दवाईयों को लेते वक्त इन जरुरी बातो को जानिए -

होम्योपैथिक दवाईयों को लेते वक्त खानपान सम्बन्धी सतर्कता बरतने की सलाह डॉक्टर देते है साथ ही आपको ये  सावधानियां  भी रखना चाहिए | होम्योपैथिक दवाईयों को कभी भी खुले में नहीं रखना चाहिए | इन्हें हमेशा ठंडे जगह पर रखना चाहिए और होम्योपैथिक दवाईयों को खाने के बाद डिब्बी का ढक्कन ठीक से बंद कर देना चाहिए | होम्योपैथिक दवाईयों को धुप या गर्म स्थान पर रखने से उसका असर बहुत कम हो जाता है | होम्योपैथिक गोलियों को लेने से पहले या बाद में अल्कोहल लेने से नशे में मौजूद स्ट्रोंग इम्लिमेंट दवा के असर को कम करते है | होम्योपैथिक दवाईयों को एलोपैथीक या आयुर्वेद  दवाईयों के पास नही रखना चाहिए | इससे होम्योपैथिक दवाईयों का असर कम हो जाता है | होम्योपैथिक दवाई लेने के बाद किसी प्रकार की खट्टी चीजे नहीं खाना चाहिए इससे होम्योपैथिक दवाईयों  का असर कम होने लगता है | किसी और व्यक्ति के जैसी बीमारी यदि आपको भी हो तो भी उसकी दवाई नहीं खानी चाहिए | दवाई का निर्धारण बीमारी के साथ -साथ व्यक्ति की स्वास्थ्य और व्यवहार सम्बधी अन्य समस्याओ पर भी केन्द्रित होता है | होम्योपैथिक दवाईयों को लेने

ऐसा वक्त कहाँ से लाऊँ

ऐसा वक्त कहाँ से लाऊँ  -  Hindi-Urdu Poetry वेफिकरी की अलसाई सी उजली सुबहें काली रातें हकलाने की तुतलाई सी आधी और अधूरी बातें आंगन में फिर लेट रात को चमकीले से तारे गिनना सुबह हुए फिर सबसे पहले पिचगोटी का कंकड़ चुनना मन करता है फिर से मैं एक छोटा बच्चा बन जाऊं जो मुझको बचपन लौटाए ऐसा वक्त कहाँ से लाऊं. बारिश के बहते पानी में छोटी कागज नाव चलाना आंगन में बिखरे दानों को चुंगती चिड़िया खूब उड़ाना बाबा के कंधों पर बैठके दूर गाँव के मेला जाना मेले में जिद करके उनसे गर्मागर्म जलेबी खाना मन करता है फिर से मैं नन्हों संग नन्हा बन जाऊं जो मुझको बचपन लौटाए ऐसा वक्त कहाँ से लाऊं. मिट्टी के और बालू बाले छोटे प्यारे घरों का बनना खेतों से चोरी से लाये चूसे मीठे मीठे गन्ना माँ ना देखे दावे पाँव से हो जाए उन छतों का चढना पकड़े जाएँ तो फिर माँ से झूठीमूठी बातें गढ़ना मन करता है फिर से में झूठों संग झूठा बन जाऊं जो मुझको बचपन लौटाए ऐसा वक्त कहाँ से लाऊं. झूठमूठ का झगड़ा करके बात बात पर खूब सा रोना मान गए तो पल में खुश हों न माने तो चुप न होना घरवालों से रूठ रूठ कर अपनी सब बातें मनवाना पढने का नम्बर आया तो लगा

जुस्तुजू जिस की थी उस को न पाया हम ने - ग़ज़ल

जुस्तुजू जिस की थी उस को न पाया हम ने जुस्तुजू जिस की थी उस को न पाया हम ने इस बहाने से मगर देख ली दुनिया हम ने सब का अहवाल वही है जो हमारा है आज ये अलग बात की शिकवा किया तन्हा हम ने खुद पशीमान हुए ने उसे शर्मिदा किया इश्क की वजह को क्या क्या खूब निभाया हमने कौन सा कहर ये आँखों प्र हुआ है नाजिल एक मुदत से कोई ख्याब न देखा हम ने उम्र भर सच ही कहा सच के सिवा कुछ न कहा अज्र क्या इस का मिलेगा ये न सोचा हम ने

गर्म पानी से नहाने के 10 नुकसान जाने

ठंड में जब आलस शरीर का साथ न छोड़े तो ऐसा लगता है क‍ि गर्म पानी से नहाकर इसे भगाया जा सकता है। सर्दी में गर्म पानी से नहाना भले ही आपको आलस दूर करने का आसान तरीका लगता हो लेकिन इससे कई नुकसान भी हो सकते हैं। गर्म पानी से नहाना कैसे आपके लिए नुकसानदेय हो सकता है, जानें इससे जुड़ी ये 10 बातें – 1. गर्म पानी से बाल रुखे हो जाते हैं जिससे इनका झड़ना शुरू हो जाता है। 2. गर्म पानी के कारण त्‍वचा रुखी हो जाती है। इससे खुजली की प्रॉब्लम हो सकती है। 3. तेज गर्म पानी से नहाना त्‍वचा के लिए अच्‍छा नहीं होता। इससे त्‍वचा लाल हो जाती है और इस पर रैशेज या एलर्जी हो सकती है। 4. तेज गर्म पानी से सिर धोया जाए तो यह स्काल्प को ड्राय करता है। ऐसे में डैंड्रफ बढ़ सकती हैं। 5. गर्म पानी का हाथ और पैरों के नेल्स पर बुरा असर पड़ता हैं। तेज गर्म पानी के प्रयोग से नाखूनों के टूटने, इंफेक्शन और आसपास की स्किन फटने की प्रॉब्लम हो सकती है। 6. गर्म पानी स्किन से इसकी नमी सोख लेता है। इससे स्किन इन्फेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। 7. गर्म पानी के कारण स्किन का मॉइश्चर कम हो जाता है। इससे त्‍वचा अपनी दमक खो देती है। 8.  गर्

Jio ₹24 में दे रहे हैं अनलिमिटेड डाटा और कॉलिंग

जियो ने बुधवार को जियोफोन यूजर्स के लिए पेश किए 153 रुपए के प्लान में बदलाव कर दोगुना डेटा देने का ऐलान किया था। इसी के साथ कंपनी ने दो और किफायती टैरिफ प्लान देने पेश किए हैं। ये प्लान 24 रुपए और 54 रुपए में पेश किए गए हैं। सबसे पहले तो बता दें कि इन दोनों ही प्लान का इस्तेमाल सिर्फ जियोफोन के साथ ही किया जा सकता है। जियो इन दोनों ही प्लान में यूजर्स को अनलिमिटेड डेटा, कॉलिंग और एसएमएस ऑफर कर रहा है। इसके अलावा इन दोनों ही प्लान पर यूजर को जियो ऐप पर फ्री सब्सक्रिप्शन मिलेगा। जियो का 24 रुपए का प्लान- रिलायंस जियो के 24 रुपये वाले पैक में 500 एमबी डाटा रोजाना दिया जा रहा है। हाईस्पीड 4G की स्पीड से मिलने वाला यह डाटा दो दिनों की वैधता के साथ आएगा। वहीं, जियो के 54 रुपये वाले पैक में सात दिनों की वैलिडिटी के साथ 500 एमबी डाटा रोजाना मिल रहा है। रिलायंस जियो के 24 रुपये वाले पैक में 500 एमबी डाटा रोजाना खत्म होने के बाद स्पीड कम हो जाएगी। इसके बाद इंटरनेट की स्पीड 128 केबीपीएस हो जाएगी। वहीं, रोजाना बीस एसएमएस भी दिए जाएंगे। जियो का 54 रुपए का प्लान- जियो के 54 रुपए का प्लान की बात करें

क्या आप जानते है RTI का पहला आवेदन कहाँ हुआ था ???

 आरटीआई कानून क्या है? -  What is RTI In Hindi भारत की  संसद का यह एक ऐसा अधिनियम है जिसके अंतर्गत कोई भी आम नागरिक किसी भी सरकारी विभाग से कोई भी जानकारी प्राप्त कर सकता है बस शर्त यह है की RTI के तहत पूछी जाने वाली जानकारी तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए | अगर आप चाहते है की आपके गाँव के विकास में किया गया सरकारी काम के विवरणों का आपको पता करना है तो आप RTI के जरिये सरकारी काम की सुचना प्राप्त कर सकते है जैसे स्कूल बनाने का कुल खर्चा कितना हुआ था  , सड़क बनाने में कितना पैसा लगा , ऐसे कई सरकारी काम है जिनके बारे में हम RTI के तहत सुचना प्राप्त कर सकते है | आरटीआई कानून संसद द्वारा 15 जून 2005 को पारित किया गया था और 12 अक्तूबर 2005 को लागू हुआ। पहला आवेदन पुणे पुलिस स्टेशन को दिया गया था। यह नागरिकों के मौलिक अधिकार को संहिता देता है भारत में केवल जम्मू और कश्मीर ही ऐसे राज्य है जहाँ आप  RTI का इस्तेमाल नहीं कर सकते.   RTI से कोई भी उठा सकता है इनके ये लाभ  – भारत का कोई भी आम नागरिक किसी भी सरकारी विभाग से सुचना प्राप्त कर सकता है ये अधिकार एक आम नागरिक के पास है जो सरकार के काम या प्रशा

खून के निशान- कविता

बड़े मशहूर इस शहर के सुंदर कोने में एक मकान है | मकान की बगल की रेट पर कुछ लहू के निशान है | वो चंद बुँदे खून की जमीन में समाना चाहती है पर कमबख्त हवा है बैरी उन्हें अपने साथ बहा ले जाती है इस कश्मकश , इस द्वन्द में ये बेचारी बुँदे पिस जाती है उनसे पूछो तो कहेगी हम फिर से उन गलियों में दौड़ना चाहती है | चंद लम्हों के फेर ने उनका वजूद उनसे छीन लिया , उस शहर के सब अखबारों में अब एक क्या और तीन क्या | वो बुँदे अब ताजा न रही अब आधा खुद को पाती है आँखे उनकी है नही पर रुआंसी जरुर हो जाती है| इस शहर से अब डर लगता है ये शहर बहुत सुनसान है पर अब भी इस शहर के उस सुदूर कोने में वो मकान है | आस-पास लोगो से पूछा तो बोले की रहते इसमें कुछ इन्सान है पर उस नासमझो को क्या पता वहाँ अब बस खून के निशान है |

बोध का अर्थ

बोध का अर्थ- ‘ बोध ’ परम अनुभव है जीवन का | इसमें ज्ञान व् प्रेम की पराकाष्ठा है जहाँ चरम ज्ञान व् परम प्रेम मिल जाते है. वही बोध प्रकट होता है | आम जीवन  में प्राय: सभी इससे वंचित रह जाते है | इसका कारण है – अनेक भ्रांतियां , जो व्यक्तित्व की गहराई में धँसी है , मन की परतो में धँसी है | ये भ्रांतियां कुछ इस ढंग से उलझी है की इनमे उलझकर समूचा जीवन स्वयं ही उलझन बन गया है इन्ही भ्रांतियां से उद्भ्रांत होकर प्राय: लोगो ने मान लिया है की विचारो का संग्रह ज्ञान है ,लेकिन यथार्थ इनसे भिन्न है | ज्ञान तो अनुभव् है , भ्रांतियो के मिटने के साथ विकसित होता जाता है | यही सत्य प्रेम के बारे में भी है भ्रांतियो ने प्रेम को ईष्र्या ,आसक्ति व् अधिकार का पर्याय बना दिया है जबकि प्रेम तो पारस्परिक एकात्मता की रसीली रसधार है , जो प्रेम की अनुभूति पाने वाले को सभी बन्धनों से मुक्तकर व्यापक बनाती है | भ्रांतियां ज्ञान व् प्रेम में भेद करती है | इनके अनुसार ज्ञानी कठोर व् प्रेमी कोमल होते है | हालंकि यथार्थ में दोनों भ्रान्ति मुक्त , परिष्कृत व् करुणापूर्ण होते है | जो ज्ञानी है ,वही सच्चा प्रेमी होता ह

माँ पर कुछ पंक्तियाँ

राहों में कभी अगर मैं गुम हो गया तो हाथ पकड़ कर तुने रास्ता दिखाया रातों में कभी अगर सो न पाया तो लोरी सुना कर तुने मुझको सुलाया दुनिया में कभी अगर अपनों ने ठुकराया तो दिल से मुस्कुरा कर तुने जीना सिखाया दर्द में कभी अगर दिल ठहर गया तो उसको भी उठ कर धड़कना सिखाया ।

सपनों के सही अर्थ को समझने के लिए ये काम जरुर करे !!

सपनो का मतलब एवं रहस्य  - Sapno ka Rahasya इन हिंदी में सपने हर कोई देखता है , सपनो की दुनिया से सभी परिचित भी है और कोई इनसे अछुता नहीं है | लेकिन ये सपने क्या कहते है , इन सपनो के आने का क्या कारण है , इसका ज्ञान हरेक को नहीं होता | वास्तव् में सपनो का संबंध हमारे अचेतन मन से होता है | कई बार सपने आने वाले संकटों के सूचक भी होते है तो बहुत से लोगो को सपनों के माध्यम से अपनी समस्याओ का समाधान भी मिलते है | ऐसे बहुत से उदाहरण है ,जब लोगो को अपेक्षित कार्य में सफलता नहीं मिली तो उनका मार्गदर्शन उनके सपनों ने किया | सपनों के माध्यम से उन्हें ऐसे संकेत मिले , जिससे उन्हें महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल हुई | सपनों का संबंध स्वयं हमसे है | स्वप्न देखते समय हमारा शरीर तो सक्रिय नहीं होता म लेकिन हमारा अवचेतन व् अचेतन मन पूरी तरह सक्रिय होता है | और यह हमारे मार्ग में आने वाली परीस्थितियो का संकेत देता है | इसका अर्थ है की हमारा मन इतना सक्रिय होता है की वह भविष्य में घटने वाली घटनाओ के बारे में जान लेता है और सपनो के माध्यम से हमे संकेत करता है | स्वप्न जगत में कभी कभी ऐसे सपने भी देखे जाते ह

क्यों मनाई जाती है मकर संक्रांति?

मकर संक्रांति , जिसे पतंगो का त्योहार भी कहा जाता है , यह एक भारत का लोकप्रिय त्योहार है।   इसे पंजाब में माघी के नाम से जाना जाता है।   उत्तर प्रदेश में   त्योहार ' खिचीरी ' के नाम से जाना जाता है   गुजरात और राजस्थान में , त्योहार उत्तरायण के रूप में जाना जाता है। यह त्योहार सूर्य भगवान को समर्पित करता है | मकर संक्रांति क्यों मनाया जाता है ?  सूर्य के एक राशि से दूसरी राशि में जाने को ही संक्रांति कहते हैं इस दिन कई स्थानों पर सूर्य भगवान की पूजा की जाती है 14 जनवरी यह एक ऐसा दिन है , जब धरती पर नये दिन की शुरुआत होती है  . ऐसा इसलिए कि सूर्य दक्षिण के बजाय अब उत्तर की ओर गमन करने लगता है |    जब तक सूर्य पूर्व से दक्षिण की ओर गमन करता है तब तक उसकी किरणों का असर खराब माना गया है , लेकिन जब वह पूर्व से उत्तर की ओर गमन करते लगता है तब उसकी किरणें सेहत और शांति को बढ़ाती हैं मकर संक्रांति को फसल उत्सव भी कहा जाता है  है   क्योंकि  यह वसंत के मौसम के आगमन को चिह्नित करने के लिए भी बड़ी धूमधाम से पुरे भारत देश में मनाया जाता है। पतंग फ्लाइंग:    गुजरात और राजस्थान में  उत्तरा

क्या आप जानते हैं प्यार पहली नजर में नहीं बल्कि चौथी नजर में होता है!

पहली नजर में प्यार ? वैज्ञानिको से पता चलता है की यह चौथी नजर से पहले संभव नहीं है !! रोमांटिक कहानियों का यह अहम हिस्सा है और ज्यादातर फिल्म मेकर्स का यह फेवरिट टॉपिक है | फिर ख़ास बात तो यह है की हममे से अधिकतर लोग यही चाहते है की ऐसा उनके साथ भी हो | हम बार कर रहे है पहली नजर की प्यार की | अब तक ह्मने यही सुना है की लड़के -लडकियो को एक दुसरे से पहली नजर में प्यार हो जाता है लेकिन  यह सोचना गलत है क्योंकि वैज्ञानिक दावा करते है की प्यार पहली नजर में नहीं बल्कि चौथी नजर में होता है | अध्ययन  में बताया है की किसी से प्यार होने की आपकी  संभावनाएं तब ज्यादा होती है जब आप उससे एक से ज्यादा बार मिलते है | न्यूयार्क के हेम्लिटन कॉलेज के मनोवैज्ञानिक रवि थिरुसेल्वम ने कहा की कामदेव का तीर लगने में थोडा वक्त लगता है | ऐसा कहा जा सकता है की इस तरह की प्रक्रिया दोहराव से बढती है | अध्ययन में वैज्ञानिको ने एक टीम बनाई और उन्हें जवान लड़को और लड़कियों की तस्वीरे दिखाई | इसके बाद उन्होंने प्रतिभागियों के दिमाग को एक मॉनिटर से जोड़ दिया जो की उनके मन में विभिन्न तस्वीरों के प्रति उनके आकर्षण को जज कर स

धर्म- दुनिया का सबसे विवादित मुद्दा

धर्म- दुनिया का सबसे विवादित मुद्दा किसी ने कहा हैं कि अगर इस जहाँ में धर्म औऱ जातियाँ न होती तो ये दुनिया और भी खूबसूरत होती। परन्तु इस जहां में जिन महापुरुषों ने धर्म से सम्बंधित सिद्धान्त बनाये उनका उद्देश्य केवल विश्व का कल्याण करना था,न कि धर्म की आड़ लेकर मनुष्यता का विनाश करना। इस दुनिया के सृष्टिकर्ता का न कोई धर्म है और न ही कोई जाति।एक आम इंसान अपने पूरे जीवन काल में ये भी नहीँ समझ पाता कि ईश्वर कौन हैं,अल्लाह कौन हैं,गॉड कौन हैं।जिस आम इंसान को ये भी नही पता कि वास्तविक धर्म और अधर्म क्या हैं? जो इंसान स्वयं का उद्द्वार नही कर सकता ,वह भला कैसे इस विश्व का कल्याण कर सकता हैं? महापुरुषों ने जितने भी पवित्र ग्रन्थ हमको दिए हैं,चाहे वो गीता हो,कुरान हो,बाइबिल हो,धम्मपद हो या गुरुग्रन्थ साहिब हो, इन सबका उद्देश्य था विश्व में शांति स्थापित करना एवम विश्व का कल्याण करना। परन्तु आज ऐसे-ऐसे लोग धर्म की आड़ लेकर मानवता एवम मनुष्यता का नाश करने पर तुले हुए हैं,जिन्होनें आजतक कभी भी इन पवित्र ग्रन्थो को स्पर्श भी नही किया और न ही यह जानने का प्रयास किया कि आखिर धर्म और अधर्म होता क्या

अपनी समस्याओं का समाधान बनिए, प्रेरक कहानी

हमारी आज की कहानी है नज़रअंदाज़। पूरी दुनिया में करोड़ों लोग ऐसे मिल जाएगा जो अपनी कमियों को, अपनी गलतियों को या कहे तो अपनी परेशानियों को भी नज़रअंदाज़ कर देते है। छोटी सी परेशानी आ जाये तो हम सोचते है छोड़ो ना कोई समय निकालें इसे ठीक करने के लिए वैसे भी क्या फर्क पड़ेगा इससे। लेकिन हम ये नहीं सोचते कि एक दिन ऐसा आएगा जब वहीं छोटी सी परेशानी इतनी बड़ी बन जाएगी कि उसे तोड़ पाना मुश्किल हो जाएगा। कहानी उस समय की है जब एक आठ साल का लड़का हर रोज़ अपने पापा के साथ घूमने के लिए जाता था। अपने पापा के साथ उसे खेलना-कूदना अच्छा लगता था। इसलिए हर रोज़ पापा के घर आने के बाद श्याम को उन्हें घूमने के लिए कहना शुरू कर देता। बच्चे की जिद के आगे पापा हार जाते और हर रोज़ उसे घुमाने ले जाते। लेकिन आज पापा को कुछ अलग करना था। उन्होंने अपने लड़के से कहा बेटा आज हम दौड़ लगाते है। जो जीत जाएगा वो विजेता बन जायेगा। उन्होंने दौड़ना शुरू किया, लेकिन थोड़ी दूर दौड़ने के बाद पापा रुक गए क्योंकि उनके जूते के अंदर कोई कंकर चला गया था। लड़के ने पूछा क्या हुआ पापा, आप रुक क्यों गए। जीत और हार आपकी सोच पर ही निर्भर

विश्व के सर्वश्रेष्ठ विचारों का संग्रह

21 Motivational Golden quotes in Hindi-  विश्व के सर्वश्रेष्ठ विचारों का संग्रह दुनिया के महान लोगो के विचार यहाँ हम आपके लिए प्रस्तुत कर रहे है जिससे आपको इन विचारो से प्रेरणा मिल सके -    1 .किसी काम को करने के बारे में बहुत देर तक सोचते रहना , अक्सर उसके बिगड़ जाने का कारण बनता है - ईवा यंग 2. बड़ी ख़ुशी की आस में कई लोग ,छोटी खुशियों को खो देते है - पर्ल बक 3. शब्द और कुछ नहीं हमारे विचारों की छवियाँ है -- जॉन ड्राइडेन 4.छोटी छोटी बातो का आनंद उठाइए , क्योंकि हो सकता है की किसी दिन आप मुड़कर देखे तो आपको अनुभव हो की यह तो बड़ी बाते थी --डग लारसन 5.हम जो है वही बने रहकर ,वह नहीं बन सकते जो की हम बनना चाहते है -- मेक्स डेप्री 6.जिस किसी को पर्याप्त भी कम लगता है उसके लिए कितनी भी उपलब्धता  अपर्याप्त है --एपिक्युरस 7.कोई भी महान व्यक्ति अवसरों की कमी की शिकायत नहीं करता - राल्फ़ वाल्डो इमर्सन 8. जब आप किसी अन्य व्यक्ति को धोखा देते है , तब आप अपने आपको भी धोखा देते है -- जेएम बेरी 9. जीवन का लक्ष्य है – आत्मविकास | अपने स्वभाव को पूर्णत:जानने के लिए ही हम इस दुनिया में है -- आस्कर वाइल्ड 10

लोन ऑफिसर कैसे बने ??

अगर आप लोगो को लोन दिलाने में मदद करना चाहते है तो आप लोन ऑफिसर ( loan Officer)  बनकर सफल करियर बना सकते है | बैंकिंग के क्षेत्र में करियर बनाने की रूचि  रखने वाले विधार्थी  के लिए यूं तो कई ऐसे विकल्प मौजूद है , जो विधार्थीयो  को एक शानदार  भविष्य बनाने में मददगार साबित हो रहा है , लेकिन अब बैंको में लोन ऑफिसर्स की बहुत सबसे ज्यादा डिमांड है , बात चाहे होम लोन (Home Loan)  की हो , बिजनेस लोन  ( Business Loan )की या फिर पर्सनल लोन की , बैंको व् ग्राहकों के बीच लोन ऑफिसर्स एक सेतु की तरह काम करते है | प्रत्येक  व्यक्ति का यह सपना होता है की अपनी जिन्दगी में अपने परिवार के लिए एक घर बना  सके ,एक कार खरीद सके | मध्यवर्गीय व्यक्ति  के लिए घर लेना या कार लेना असंभव लगता है | इसी ख्वाहिश को पूरा करने के लिए  लोन ऑफिसर आपकी मदद करता  ,| कुछ सालो से इस क्षेत्र में नौकरियों की संभावनाएं बढ़ गई है | क्या करता है लोन ऑफिसर - Role of Loan Officer लोन ऑफिसर ग्राहकों को होम ,कार ,एजुकेशन ,बिजनेस या पर्सनल लोन दिलवाने में मदद करता है | वह ग्राहकों के सही लोन का निर्धारण करने में सहायता करते है और उन्

मानसिक तनाव के बारे में यह महत्वपूर्ण लेख जरुर पढ़े!

मानसिक तनाव के कारण- तनाव का एक और कारण , ”अतीत की स्मृति और भविष्य कल्पना ” उसने मेरे साथ ऐसा किया ,अब मैं उसके साथ वैसा ही करूँगा | अगर उस समय मैंने वैसा नहीं किया होता तो अभी ऐसा नहीं होता | यदि उस समय ऐसा कर देता तो ठीक रहता | पता नहीं , इस तरह की कितनी यादे व्यक्ति अपने मन में संजोए रखता है | जो बीत गया उसे वापस लौटाया नहीं जा सकता तो उसे याद करने का क्या औचित्य है ? और जो होने वाला है , वह होकर ही रहेगा तो उसके बारे में व्यर्थ का तनाव पालने का क्या औचित्य है ? जो बीत चूका है उस पर विलाप करने से क्या लाभ और जो अभी उपस्थित नहीं है ,उसकी कल्पना के जाल क्यों बुनना ? माह बीत जाता है कलेंडर से पन्ना फाड़ देते है ,वर्ष बीत जाता है तो कलेंडर को हटा देते है लेकिन व्यक्ति अपने भीतर पलने वाली उतेजना को ,अनगर्ल विचारो को ,दुसरो के प्रति होने वाले वैमनस्य को हटा नहीं पाता | ६० वर्ष की उम्र के बाद व्यक्ति अपने अतीत को बहुत याद करता है और सबसे अधिक चिंता और तनाव से ग्रस्त होता है | जीवन की शेष आयु चिंता और तनाव में बीतती है क्योंकि हमारी अपेक्षाए अपनी संतानों से बढ़ जाती है और जब अपेक्षा उपेक्ष

ध्वनि प्रदूषण है घातक

ध्वनी प्रदूषण – Essay on Noise pollution in Hindi मौन साधना और शांति मानव समाज एवं संस्कृति के विकास में सदैव आवश्यक रहे है | अनावश्यक शोर एवं चिल्ल्हाह्ट , न केवल व्यक्ति के व्यक्तित्व विकास में बाधक है , अपितु सम्पूर्ण प्राकृतिक संतुलन को कुप्रभावित करता है | जल और वायु प्रदूषण के साथ साथ अब ध्वनि प्रदूषण ने भी विकराल रूप धारण कर हमारी तेजी से बिगडती पर्यावरण स्थिति को और भी चिंताजनक बना दिया है | किसी भी शहर के पर्यावरण को प्रभावित करने वाला शोर –स्तर उसके व्यापारिक ,ओधोगिक ,सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यकलापो और उसके जन सांख्यिक अनुपात व् घनत्व पर निर्भर करता है | रेलगाड़ी व् हवाई जहाज की कम्पनकारी कर्णभेदी आवाजे रेडियो ,टीवी का शोर ,हल्के भारी मोटर वाहनों की कर्कश चिल्लपों व् कल –कारखाने की खट खटा खट  ध्वनी प्रदूषण के मुख्य स्र्तोत है | चाहे विवाह हो या जन्म –दिन पार्टी ,चुनाव जुलुस हो या मुंडन समारोह ,तेज आवाज में लाउड स्पीकर बजाना हमारी एक राष्टीय आदत सी हो गई है | विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 45 डेसिबल डिग्री तक का शोर ही हमारे लिए सुरक्षित बताया गया है |  मुंबई ,कलकत्ता और दिल्ली जै

घर बैठे जॉब करने के नुकसान

क्या आप घर से ही ऑफिस वर्क पूरा करना चाहते है ? ध्यान रहे की घर से काम करना आपके लिए तनावपूर्ण भी हो सकता है | भारत में वर्क फ्रॉम होम का कॉन्सेप्ट बिलकुल नया है | बड़ी मल्टीनेशनल कम्पनिया के एग्जीक्यूटिव को छोडकर ज्यादातर एम्प्लोइज इससे वाकिफ नहीं है | यह सुनकर अच्छा लगता है की आप घर बैठकर ही कंप्यूटर और लैपटॉप से कंपनी का काम पूरा कर देते है और पूरी सेलेरी मिलती है | पर यह कॉन्सेप्ट आपके लिए तनाव दायक भी हो सकता है | जानते है वर्क फ्रॉम होम से जुडी चुनोतियो के बारे में – कोई भरोसा नहीं करेगा की आप जॉब भी करते है –  आप घर पर बैठकर ऑफिस का काम करते है तो आस पास के लोग जासूस बन जाते है और साबित करने की कोशीश करते है की आपकी नौकरी चली गई है ऐसे में आपको हर किसी को बताना पड़ता है की आपकी नौकरी नही गई ,बल्कि आप कंपनी का काम “ वर्क फ्रॉम होम ”पालिसी का लाभ उठा रहे है | रिश्तेदार भी अपेक्षा करते है की किसी भी समय लैपटॉप बंद करके सोशल गेदरिंग में शामिल हो सकते है , क्योंकि कोई मोनिटरिंग नही कर रहा है | आप महत्वपूर्ण डिस्कशन को मिस कर देते है –  वर्कप्लेस पर कलीग्स के साथ होने वाले  केफेटेरिया ड

आलोचना का महत्व

आलोचना- सामन्यत: आलोचना को बुरा माना जाता है , लोग आलोचना से घबराते है ,डरते है | आलोचक को शत्रु या दुश्मन माना जाता है , उससे झगड़ने या अनिष्ट करने का प्रयास किया जाता है | पर लोगो की यह सोच सत्य से दूर है | इसके विपरीत आलोचक सही मायने में आपका प्रशंसक होता है | आलोचक के मन में परोक्ष रूप से आपके प्रति श्रध्दा होती है , सम्मान होता है |आपकी आलोचना करके वह अन्य लोगो का आपकी ओर ध्यान आकर्षित करने का प्रयास करता है | इसके सिवाय आलोचक आपको सफलता की धज्जियां उड़ाने वालो से , आपसे नफरत करने वालो से आपकी रक्षा करता है | अत: आलोचक को अपनी आलोचना का कोई उत्तर देना , स्पष्टीकरण देना ,बचाव करने में अपनी ऊर्जा ,समय नष्ट करना व्यर्थ है | और सम्भव है की आप अपनी सफलता से भटक जाएं| आलोचक आलोचना करके आलोच्य के चरित्र के बजाय अपने ही चरित्र की लोगो के सामने धज्जियां उड़ाता है ,क्योंकि कोई भी ज्ञानी ,समझदार ,विवेकशील व्यक्ति न तो किसी की आलोचना ही करता है और न ही वह किसी की आलोचना सुनना पसंद करता है | ऐसे व्यक्तियो के पास अपनी व्यस्तता के कारण दुसरो की अनगर्ल ,व्यर्थ की बाते सुनने का समय ही कहाँ होता

नई शुरुआत - सुबह की प्रेरणादायक कविता

नई शुरुआत  वो चिड़िया का मीठा गुंजन  सुबह की हवा का स्पंदन बौराए पेड़ो का मस्ती में झुलना  सुर का यु मचलना  मेरे अलसाए मन को छेड़ गया  कुछ कानो में कह गया  उतार फेंक अतीत की चादर को  ओढ़ ले नव प्रभात को  ओस की ये नन्ही बुँदे  कर देगी तन मन को तृप्त  आशाओ के खुले आसमां में , उड़ चल तू क्षितिज तक , अभिलाषाओं का ये हरा  मैदान , कर गया यौवन का संचार , निराशा के कोहरे को चीर , जीतेगा मेरे मन का मीत , स्वप्न सलोने दिखा गया , मुझे वो यूं भरमा गया , पल्लिवत कर कुसुम की क्यारी , अंशुमान ने निद्रा त्यागी , मीठी सी ठंडक को लेकर , आत्मसात , चली करने नई शुरुआत 

आयुर्वेद का वरदान दानामेथी

  मेथी के दाने के अनेक फायदे - Health Benefits Of Methi Fenugreek in Hindi मेथी वात ,पित्त ,कफ़ ,ज्वर और दाह्नाश्क होती है . मेथी के दानो में फास्फोरिक एसिड , लेसिथिन ,प्रोटीन ,कोलाइन और ट्राइगोनेलिन एल्केनाड्रेस पाया जाता है . इसके अतिरिक्त मेथी में अनेक लाभकारी गुण पाये जाते है | मेथी में केल्सियम , पोटेशियम ,सोडियम एवं विटामिन सी भी होता है | इसकी सुखी पत्तियों में दाल के बराबर प्रोटीन पाया जाता है | इसमें कई क्षारीय गुण भी होते है जो भूख को बढ़ाते है | यह अपचन ,सूजन ,मुहँ के छालो के लिए लाभकारी है | इसके प्रयोग से मूत्राशय की शितिलता दूर होती है | साइटिका व् कमर का दर्द - मेथी के बीज आर्थराइटिस और साइटिका के दर्द से निजात दिलाने में मदद करते है | एक ग्राम दाना मेथी पाउडर और सोंठ सात दिन में दो -तीन दिन बार लेने से लाभ होता है | डायबिटीज - मेथी को एक कप पानी में भिगो कर रात भर के लिए छोड़ दे | सुबह इसका पानी पियें इससे डायबीटीज व् वजन संतुलित रहता है |

कैंसर का सबसे सरल घरेलु उपचार जरूर पढ़ें

कैंसर की अच्छी दवा है काली चाय  - BlackTea For Cancer Prevention In Hindi चाय तो दुनिया के सभी लोग अपनी पसंद के साथ पीते है . चाय भी अलग -अलग तरह की होती है ,और हर चाय के अपने अपने गुण होते है. इन्ही चायो में से एक है काली चाय  .   काली चाय  आपके लिए कई बीमारीयों को दूर रखने में मददगार साबित हो सकती है | काली चाय पीने के है ये बेमिसाल फ़ायदे- काली चाय दिल के लिए लाभदायक साबित होती है इसमें मौजूद फ्लेवेनौयड्स एलडीफल होता है जो ह्रदय की धमनियों को स्वस्थ रखने में सहायता करता है यदि आप काली  चाय को रोजाना अपनी डाईट में शामिल करते है तो ऐसे में आप कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से बच सकते है . काली चाय शरीर में  कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करती है . यह आपके शरीर में कोलेस्ट्रोल के स्तर को कम करती है , जिससे आपका वजन धीर- धीरे कम होने लगता है | काली चाय को रोजाना पीने से यह आपकी त्वचा को संक्रमण से बचा सकती है | काली चाय पीने से चेहरे की झुरिया को दूर होती है प्रतिदिन चार कप काली चाय का सेवन करने पर तनाव को कम  किया जा सकता है | काली चाय पीने से आपका दिमाग को  भी तेज बनाता

कड़वा सच - सुविचार कलेक्शन

भगवान से वरदान माँगा था की दुश्मनों से पीछा छुडवा दो | अचाक देखा थो दोस्त कम होते गये | जितनी भीड़ बढ़ रही है जमाने में लोग उतने ही अकेले होते जा रहे है || इस जमाने के लोग भी कितने अजीब है ना सारे खिलोने छोडकर जज्बातों से खेलते है | तारीख हजार साल में , बस इतनी सी बदली है तब दौर पत्थर का था ,अब लोग पत्थर के हो गये | स्वर्ग का सपना छोड़ दो ,नर्क का डर छोड़ दो कौन जाने क्या पाप ,क्या पुण्य ? किसी का दिल न दुखे ,अपने स्वार्थ के लिए | बाकी सब कुदरत पर छोड़ दो || सफर का मजा लेना हो तो अपने साथ सामान कम रखा करो | जिन्दगी का मजा लेना हो तो दिल में अरमान कम रखा करो | दुनिया में दर्दमंद कम मिलते है काम के लोग चंद मिलते है | जब आता है मुसीबत का समय तो सबके दरवाजे बंद मिलते है | कौन किसके करीब होता है अपना अपना नसीब होता है | जो भी गर्दिश के समय काम आये वो ही सच्चा हबीब होता है | क्षमा कितनी खुशनसीब होती है जिसे पाकर लोग अपनों को याद करते है | अहंकार कितना बदनसीब होता है जिसे पाकर लोग अक्सर अपनों को ही भूल जाते है || बहुत खुश नसीब होते है , वो जिन्हें समय और समझ एक साथ मिलते है | मगर समय पर समझ नहीं आ

पेड़ का साथ- हिंदी कविता

जीवन का अन्त होगा जब, छोटी बड़ी श्रंखलाएँ टूटेगीं सब, न कोई नाता न रिश्ता, कलम कागज भी साथ नही जाएँगे जब, तब साथ जाएगा वह, जिसने देखे कई पतझड़ अपने जीवन में, तूफान भी हार मान गऐ जिसकी द्रढता हिलाने में, अग्नि में भी प्रवेश तुमसे पहले जब वह कर जाएगा, परित्याग का सर्वोत्तम उदाहरण तब जग पाएगा, अपनी छाया और फलों से स्नेह दिया तुमको असीम, तुम्हारे साथ साथ उसके बच्चे भी होंगे यतीम, चिड़ियाँ गिलहरियाँ सबका घर छूटेगा, दुख उनका भी तो होगा असीम.. याद करेंगी मिलकर बीते दिनों को, हिम्मत भी तो जोड़नी होगी नया घर ढूंढ़ने को.. जीवन की कई अभिलाषाओं में आज जोड़ती हूँ यह अभिलाषा, कि जब मेरी वेदना का साथ मुझसे छूटे, तब दाह मेरा बिजली से हो जाए.. ताकि मेरे बाद एक पेड़ का साथ अपने बच्चों से न छूट जाए...