हँसना - यह एक ईश्वरीय वरदान है

क्यों ज़रूरी है हँसना? Importance of Laughing in Hindi


सृष्टी के आरम्भ से ही हास्य सुखी जीवन का अनिवार्य अंग माना गया है मन के बोझ को कम करने , थकान को दूर करने का एक सहज साधन है , यह एक ईश्वरीय वरदान है |

आज का युग तनाव का युग है बच्चे ,युवक,युवतियां ,बूढ़े सभी तनाव ग्रस्त है | बचपन से ही तनाव हो रहा है जब दो वर्ष के बच्चे को ही माँ –बाप स्कूल भेजने लगे है तो क्या होगा ? बच्चो का खेलना कूदना बंद हो रहा है | बडो से मिलजुल कर चलने की जगह एकल रहने की प्रवृति बढ़ रही है

एक दुसरे को रोंदते हुए आगे बढने की इच्छा जिसमे दोस्ती ,रिश्तो की तिलांजलि दी जा रही है | जब हम मिलजुलकर बैठते थे आपस में हंसी मजाक भी होता था और हंसी मजाक हमे तनावमुक्त करता था, हमारी शक्ति बढ़ाता था | पुराने जमाने के लोग अपना दिनभर का काम समाप्त कर शाम को एकत्रित होकर गाना –बजाना ,नृत्य संगीत ,मौज मस्ती करते थे और आनन्द लेते थे | आज किसी के पास फुर्सत ही नही है | लोग देर रात तक घर आते है ,आधीरात में खाना खाते है टीवी देखते है और सो जाते है ऐसे में कहाँ है – हंसने का समय व् हंसने की आजादी | इसी तनाव भरी जिन्दगी के कारण आज असाध्य रोगों की बाढ़ आ रही है |

हंसने का सबसे बड़ा फायदा यही है की हमारा तनाव शीघ्रता से समाप्त हो जाता है ,हमारे भीतर नया उत्साह उत्पन्न होता है इसी उत्साह ,स्फूर्ति में हमारी कार्यदक्षता बढती है | तनाव हिंसा को जन्म देता है , हंसी हल्कापन लाती है | हंसने में हमे रोगमुक्त करने की अद्भुत शक्ति है ,हँसने से अवसाद दूर होता है रक्तचाप ठीक रहता है |

जब  हम हँसते है तो हमारे शरीर में क्या प्रतिक्रिया होती है ? हँसते समय सर्वप्रथम हमारा मुहँ खुलता है ,जिससे चेहरे की मांसपेशिया का व्यायाम होता है | सदैव हँसते रहने से चेहरे की मासपेशिया मजबूत होती है | उनपर झुरिया नहीं पड़ती , चेहरे पै चमक आती है ,अधिक वायु हमारे फेफड़ो के अंदर जाती है और हमारे फेफड़ो को स्वस्थ बनाती है |

जब हम खिलखिलाकर हँसते है तो फेफड़ो के अतिरिक्त ह्रदय की मासपेशिया भी सबल बनती है साथ ही ह्रदय और पेट के बीच स्थित डॉयफ्राम  की भी गति और पेट के सभी अंगो की गति बढती है |

एक अध्ययन के अनुसार हँसने हंसाने की बात महज सोचने से ही मनुष्य अच्छा महसूस करने लगता है | हास्य फिल्मे देखने से २७ प्रतिशत अधिक बीटा एन्ड़ोरापिन  और ८७ प्रतिशत अधिक मानव विकास हार्मोन पैदा होते है | प्रशिद्ध मनोवैज्ञानिक डॉक्टर थाइटन का कहना है की यदि आप अपने चेहरे की झुरिया से बचना चाहते है तो हास्य का सहारा लेना आवश्यक है | प्रसन्न रहने वाले व्यक्ति की आत्मा भी शुद्ध होती है | हँसना एक मानवीय स्वभाव है |

अमरीका के सुप्रसिद्ध डॉक्टर विलियम फ़ाय के अनुसार हँसने से रोगी स्वस्थ होते है और जो रोगी हँसते नहीं ,उनका रोग बढ़ जाता है | इसलिए रोग निवारण का अचूक उपाय है – हँसना

अमरीका के नैशविले विश्वविधालय में एक अध्ययन में पाया गया है की हँसने से मोटापा भी कम होता है | १५ मिनट की रोजाना हंसी से आधे मील सैर का लाभ मिल जाता है ज्यादा केलोरी खर्च होती है ,जिसके परिणाम स्वरूप वर्षभर में २ किलो वजन कम हो जाता है |

हँसते समय मस्तिष्क शून्य में चला जाता है ,विचारो का आवागमन रुक जाता है इसलिए हँसना मैडिटेशन है | प्रतिदिन अपने दोस्तों के साथ मिलकर खुली हवा में १० -१५ मिनट के लिए अवश्य हँसे ,अपना जीवन संवारे और दुसरो को भी स्वस्थ बनाएँ |

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