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Showing posts from November, 2017

परिंदे - हिन्दी कविता

परिंदे  (Parinde) कभी - कभी सोचता हूँ  क्या होता होगा उन परिंदों का , जिनके घर नहीं होते , राह तो होती है , मगर सफर नहीं होते , लगता है शाम को ही उड़ जाते है वो , महफूज ठिकानो  को , मगर इन सर्द रातो में , ठिकाने महफूज नहीं होते , लगता होगा उन्हें खोंफ इन अंधेरो से , इसलिए वो रुक तो जाते है , पर सो नहीं पाते , सुना है वो परिंदे रोज निकलते है , घर बनाने को , मगर ,बगैर तिनको के सहारे वो ये  कर नहीं पाते |

अगर चल रहा है बुरा समय, तो बस ये तरीके अपनाएँ

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बुरा समय कैसे दूर करें -Bura Samay Kese Door karein हर किसी की जिन्दगी में बुरा समय आता है ऐसा समय जब आपको लगता हैज जैसे दुनिया का सारा बोझ आपके नाजुक कंधो पर ही आ गया हो और अब उसे ज्यादा दिनों तक नही उठा सकते | यह समय आपको हताश और परेशान कर सकता है लेकिन अगर आप चाहे तो इसे हराकर ,नये सिरे से अपनी जिन्दगी शुरू कर सकते है | जिन्दगी के बुरे समय पर जीत हासिल करने में हम यहा कुछ तरीके पेश करेंगे जो आपके मददगार हो सकते | अपनी सोच बदले – कभी कभी अपनी सोच बदलने से ही आप अपने बुरे समय को मात दे सकते है | कभी कभी महज अपने बुरे अनुभवो को सकरात्मक सोच में बदलने से आप बुरे समय पर जीत हासिल कर सकते है इसके लिए आपको सोचना होगा की आपने अपने अनुभवों से क्या सीखा है | एक बार जब आप ऐसा कर लेंगे तो आप खुदबखुद बुरे समय से बाहर आ जायेंगे | लक्ष्य निर्धारित करे – अपने बुरे दिनों को ले और खुद के लिए लक्ष्य निर्धारित करे की आप किस तरह से इस दिन को एक बेहतरीन दिन में बदल सकते है | आप क्या ऐसे बदलाव कर सकते है जिनसे आपका बुरा दिन आपको कुछ अच्छा सिखाकर आगे बढने में मदद कर सके | अगर दोबारा ऐसी स्थिति आए तब आप क्

अपनी कंपनी के लिए सही निवेशक को कैसे पहचाने ??

अपनी कंपनी के लिए सही निवेशक को कैसे पहचाने ?? हो सकता है की आप बिजनेस में निवेश करने को कई निवेशक मिले लेकिन सही निवेशक की पहचान बहुत जरुरी है | बिजनेस के लिए फंड्स देना एक बात है और यह पहचानना की कौन सा निवेशक आपके लिए सही है , अलग बात है | जब बात एक ऐसे निवेशक को ढूंढने की आती है जो आपकी कंपनी के लिए सही हो तब आपको बहुत सी चीजो का ध्यान रखना होता है जैसे – कम्युनिकेशन,कमिटमेंट आदि | जानिये की आप अपने कम्पनी के लिए सही निवेशक को कैसे पहचाने – खुद की कंपनी के लिए कोई ऐसा निवेशक को खोजे जिसके साथ आप बात करना और काम करना पसंद हो | ऐसा नहीं होना चाहिए की आपको वह निवेशक पसंद नहीं है और आप अचानक उसके मिलने पर उसे नजरअंदाज करना चाहे | इस तरह आपका उसके साथ कभी अच्छा सम्बन्ध नहींबन पाएगा जो आपके बिजनेस के लिए सही नहीं है | ये भी पढ़े -   बिजनेस शुरू करने से पूछे खुद से यह महत्वपूर्ण 5 सवाल  अगर आप अपने निवेशक को कोई मेसेज करते हो और वह उसका जवाब उसी वक्त दे तो इसका मतलब यह है की वह आपके बिजनेस में रूचि रखता है और आपसे बातचीत करना चाहता है | साथ ही वह आपके बिजनेस में हो रहे डेवलपमेंट के बारे

झोका हवा का, उल्लास है मन का

                 झोका हवा का, उल्लास है मन का स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छ वायु नितांत आवश्यक है,परंतु बढता वायुमण्डलीय प्रदूषण हमें धीरे धीरे अस्वस्थ कर रहा है।ये केवल बडे शहरों की समस्या नही बल्कि छोटे शहर भी इससें अछूते नहीं बढती वाहनों की संख्या इसका मुख्य कारण है | पर आज भागदौड़ की जिदंगी मे वाहनों का प्रयोग आवश्यक हो गया है ,पर इसकी बहुत बडी कीमत हमें चुकानी पड रही हैं, हमारी आने वाली नस्ले भी इसकी कीमत चुकायेगी। यदि हम सब अब भी न सभँले तो। मानव जाति आनेवाले वर्षो मे शुद्ध हवा के झोकों के लिए तरसती नजर आयेगी |

माँ का श्रेय- प्रेरणादायक प्रसंग

    माँ का श्रेय-  प्रेरणादायक प्रसंग              Most Inspirational Short Hindi Story नाजी सेना का एक नौजवान सैनिक हिटलर की फौज में काम  कर रहा था | साम्राज्य -विस्तार की लालसा ने हिटलर को आक्रांता बना दिया | उसकी सेना होलैंड ,पोलैंड से चली और रूस ,जापान तक पहुँच गई | सैनिको ने गाँवो और शहरों में लूट मचा दी | उस नौजवान सैनिक को भी लूटपाट के दौरान बहुमूल्य आभूषण प्राप्त हुए | उसने उन आभूषणों से एक डिब्बा भरकर अपनी माँ के पास भेजा | उसे यह विश्वास था की इतने कीमती जेवर पाकर माँ खुश हो जायेगी ,पर उसके आश्चर्य का ठिकाना न रहा , जब वह डिब्बा पुन: उसी के पास पहुँच गया | उसने डिब्बा खोला तो आभूषणों के ऊपर उसकी माँ के हाथ से लिखी हुई एक चिटी थी | उसने उत्सुकता के साथ पढना शुरू किया | उसमे लिखा था | प्रिय पुत्र ! तेरे मन में मेरे प्रति श्रध्दा और आदर की भावना है ,तू मुझे सुख देना चाहता है | न जाने कितनी माताओ और बहनों की आहें इस डिब्बे में बन्द है  मैं चोरी का धन स्वीकार कर ,स्वयं को पतन के गढ़े में गिराना नहीं चाहती , मैं चोर की माँ कहलाना नहीं चाहती  ,मैंने अपने बेटे को देश की सेवा के लिए सम

कमाए महीने में 1 लाख से भी अधिक SME बैंकर बनकर

यदि आप एक बेहतरीन करियर विकल्प को खोज रहे है तो एसएमई बैंकिंग ( SME Banking ) में शानदार करियर बना सकते है जानिए कैसे ? भारतीय बैंकिंग एंड फाइनेंस इंडस्ट्री ( Indian Bank and Finance Industry ) समय के साथ साथ तेजी से उन्नति  कर रही है इसमें रोजगार के शानदार अवसर मिलते है ,आज भारत में बैंकिंग सेक्टर  इतना फैल गया  है की वाणिज्यिक और सहकारी बैंको की 67 हजार से भी अधिक शाखाएं काम कर रही है | क्या है एसएमई बैंकिंग ? What is SME Banking?  एसएमई बैंकिंग यानी SME Bankig – स्माल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज बैंकिंग ( Small and Midium Interprises Banking )  – यह बैंकिंग सेक्टर उन व्यापारियों के लिए काम करता है या उन्हें लोन अथवा फंड देता है जो देश या विदेश में छोटा व्यवसाय चला रहे है या नया बिजनेस शुरू करने की सोच रहे है ,एसएमई जनरल बिजनेस फाइनेंस मार्केट के मुख्य कार्य का प्रतिनिधित्व भी करता है भारत में लगभग २ करोड़ ६० लाख से अधिक SME बैंकिंग काम कर रही है | योग्यता – Qualification  स्नातक और किसी भी स्ट्रीम से अंतिम वर्ष के छात्र बैंकिंग और फाइनेंस के इस कोर्स में आवेदन कर सकते है जिन छात्र - छात

अमेरिका की उन्नति का रहस्य

      अमेरिका की उन्नति का रहस्य अमेरिका की उन्नति का रहस्य बतलाते हुए स्वामी विवेकानंद जी ने कहा - " अमेरिका के पुरुष स्त्रियों के साथ अत्यंत सम्मानपूर्वक  व्यवहार  करते है  | इसी के परिणाम स्वरूप वह अत्यंत उन्नतिशील ,विद्वान ,स्वतंत्र , और बलवान राष्ट्र  हो उठा | वहाँ जो स्त्रियाँ स्म्पतिवान है , वे निर्धनों की सहायता और सेवा करती है | अमेरिका की प्रत्येक स्त्री को उतम शिक्षा प्राप्त होती है  अच्छा हो की भारत में भी स्त्रियों को वैसी उच्च कोटि की शिक्षा दी  जा सके | आचार-विचार को , शिक्षा से अधिक महत्व देते हुए स्वामीजी ने कहा - " यधपि भारतीय स्त्रियाँ इतनी सुशिक्षित नहीं , तथापि उनका आचार -विचार अधिक पवित्र होता है  | " स्त्री पुरुष के पारस्परिक भावो के सन्दर्भ में स्वामीजी का कथन है - " प्रत्येक स्त्री को चाहिए की वह अपने पति के  अतिरिक्त  सभी पुरुषो को पुत्रवत समझे | प्रत्येक पुरुष को चाहिए की वह अपने पत्नी के अतिरिक्त सभी स्त्रियों को मातृवत समझे | "  

यादें अक्सर याद आती हैं Love Poems From The Heart

यादें अक्सर याद आती हैं, कुछ कहे बिना ही बहुत कुछ कह जाती हैं। रूबरू बीता हर एक पल हो जाता है, करके मन याद पलों को कभी खुश तो कभी दुःखी हो जाता है। कुछ खट्टी कुछ मीठी यादों का ज़कीरा सा खुल जाता है, किसी पे गुस्सा तो किसी पर प्यार और उमड़ आता है। करते ही याद पलों को हर चेहरा मुस्कुरा जाता है, भागकर सबसे मिलने का ख्याल मन में आ जाता है। पर कभी- कभी मन दुःखी देख आंखों में आंसू भर आता है, कुछ लोगों से कभी ना मिल पाने का ग़म जब सताता है। ना चाहते हुए भी हमें यादों से किनारा करना पड़ता है, पुराने पलों को जीना अब सपना सा लगता है। क्यूंकि यादों से अतीत तो ताज़ा हो जाता है, पर सिर्फ यादों के सहारे ही कहां जीवन चल पाता है Please like, Share and Comment. 😍😍😊😊

नैतिक शिक्षा की आवश्यकता

                                    नैतिक शिक्षा की आवश्यकता आज भागदौड भरे जीवन मे जब हम अपने घर के सदस्यों को भी ठीक से समय न दे पाते हैं तब हम समाज को ,आस-पास पड़ोस को समय कैसे देगें?आज जब समाचारपत्र मे जब पढते हैं कि कोई आदमी सडक़ पर दुघर्टना का शिकार हो जाता हैं तो लोग उसकी मदद.करने की जगह उसका वीडियो बनाने लगते हैं, ऐसे समाचार को पढ कर महसूस होता है कि लोगों की संवेदनाएं खत्म हो चुकी हैं बचपन में पढी नैतिक शिक्षा की कहानियां याद आती हैं जिनमें मानवीय संवेदनाओं को उभारने कार्य किया जाता था। समाज को पुनः संवेदनशील बनाने के लिए नैतिक शिक्षा हर चरण पर आवश्यक है।

एक कविता मां को समर्पित।

माँ पर कविता हिंदी में - Poem on Mother in Hindi माँ, यूँ तो शब्द है बहुत छोटा सा, पर है अपने आप में काफी अनूठा सा |   कहो चाहे कुछ भी माँ, मदर, अम्मा या माता , यही होती है हम सबकी जीवन दाता |   नादानियों से जिम्मेदारियों तक का सफर पूरा करने में हर कदम देती है साथ , कभी नहीं छोड़ना चाहता कोई भी बच्चा पूरी जिंदगी अपनी माँ का हाथ |   शायद जुड़ा होता है एक अद्भुत सा यन्त्र माँ के दिल से , वरना जान लेती वो हमारी जरुरतो और परेशानियों को झट से कैसे ?   अपनी परवाह किये बिना वह लड़ जाती दुनिया से अपने बच्चो के लिए , चाहे बच्चो ने जाने-अनजाने उसे कितने ही दुःख क्यों न हों दिए |   करना चाहिए धन्यवाद हमें ऊपर वाले का जोड़ कर हाथ, रूप में माँ के वह रहते क्यूंकि हमेशा हमारे साथ |   सलाम करती हूँ मैं माँ को अपनी, थामने के लिए हर कदम पर मेरा हाथ, करती हूँ दुआ ईश्वर से कि हर जनम मिले मुझे आपका ही साथ | 😘😘 Hats off to All Mothers 🙏🙏🙏

1 सप्ताह के अंदर पाएं काले दाग धब्बे और पिंपल्स से छुटकारा जानिए

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वर्तमान समय में हर कोई अपनी खूबसूरती के लिए तो बहुत ज्यादा चिंतित हैं और अपने जैसी खूबसूरती को बनाए रखने के लिए और कई प्रकार के उपाय करता है। गलत उपाय के कारण उनकी ख़ूबसूरती पहले से भी ज्यादा बदसूरती में बदल जाती है। आज मैं आपको एक ऐसी प्राकृतिक चीज बताऊंगा जिसे आप लगाते हुए 1 सप्ताह के अंदर सारे दाग धब्बे और पिंपल्स गायब हो जाएंगे। Google.com एलोवेरा का नाम तो आप सभी नहीं सुना होगा लेकिन किसी ने आज तक उस का सही ढंग से इस्तेमाल नहीं किया। आज मैं आपको बताऊंगा कि आप एलोवेरा का इस्तेमाल करके अपनी खूबसूरती को वापस हासिल कर सकते हैं। एलोवेरा आमतौर पर हमें हर जगह पर नहीं मिलता है लेकिन आप के वजह से प्राप्त कर सकते हैं। एलोवेरा का इस्तेमाल बहुत ही आसान है लेकिन इसे सावधानीपूर्वक करें । Google.com सबसे पहले आप एलोवेरा को लीजिए उसके ऊपर के कवर को चाकू की सहायता से हटा दीजिए उसके बाद आपको एक तरल पदार्थ मिलेगा जो कि एलोवेरा का रस होता है। आपको एलोवेरा के रस को किसी बर्तन में कटा कर लेना है या फिर आप सीधे ही उस रस को अपनी उंगलियां द्वारा अपने चेहरे पर लगा सकते हैं। एलोवेरा के रस को कम से कम 10 से

गृह और कार बीमा क्या होता है? और इसके फायदे!

गृह बीमा और कार बीमा -  Home and Auto Insurance   बीमा वित्तीय नुकसान से सुरक्षा का साधन है यह जोखिम प्रबंधन का एक रूप है जिसे मुख्य रूप से किसी आकस्मिक, अनिश्चित हानि के जोखिम के बचाव में किया जाता था। और आज हम आपको दो ऐसे बीमाओ के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपके लिए बहुत ही अहम हैं अगर आप भी किसी मकान या कार के मालिक है। गृह बीमा   Home Insurance   गृह बीमा को होमओनरस बीमा के नाम से भी जाना  जाता हैं। यह बीमा एक प्रकार की संपत्ति बीमा है जो एक निजी निवास को कवर करती है। यह एक बीमा पॉलिसी है जो विभिन्न व्यक्तिगत बीमा सुरक्षाओं को जोड़ती है, जिसमें किसी के घर, उसकी सामग्री, उपयोग की हानि (अतिरिक्त जीवन व्यय), या अन्य निजी संपत्तियों के नुकसान में शामिल हो सकते हैं, साथ ही दुर्घटनाओं के लिए देयता बीमा भी शामिल है जो नीति के क्षेत्र में घर पर या घर के मालिकों के हाथ में हो सकता है। कार बीमा-  Auto Insurance   कार बीमा का प्राथमिक उपयोग यातायात के टकराव से उत्पन्न होने वाली शारीरिक क्षति या शारीरिक चोट के खिलाफ वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है और उत्तरदायित्व के खिलाफ है जो वहां से

एक छोटी सी मोमबत्ती जब जलती हैं।- दिल छू लेने वाली कविता

एक छोटी सी मोमबत्ती जब जलती है, तो मानो अंधेरा छट जाता हैं। सारा संसार रोशनमय हो जाता हैं। एक छोटी सी मोमबत्ती जब जलती है, तो राहगीरों को राह दिखाती हैं। भूलें-बिसरें को राह पर लाती हैं। ये भी पढ़े - इंसानियत आज खो गयी कहाँ - प्रेरणादायक कविता  एक छोटी सी मोमबत्ती जब जलती है, तो हमें तूफान से लड़ना सिखाती हैं। मूसीबतो मे डटना सिखाती हैं। यह मोमबत्ती ही है जो हमें खुद जलकर भी, दूसरों को प्रकाश देना सिखाती है। लोगों मे प्रेम बाटंना सिखाती हैं।

ये है बॉलीवुड की सबसे गरीब अभिनेत्री, माँ के कपड़ों से करती है गुजारा

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 बॉलीवुड की सबसे गरीब अभिनेत्री बॉलीवुड कितना बड़ा इंडस्ट्री हैं। इस इंडस्ट्री में काम करने वाले सारे अभिनेता- अभिनेत्री भी बड़े आदमी होते हैं। यहां पर दिखावा भी बड़े होते हैं। दिखावा नहीं करने से कुछ लोग सोचते हैं कि उनको लोग पसंद नहीं करेंगे। परंतु, इस दिखावा करने की आड़ में लोगों को बहुत पापड़ बेलने पड़ते हैं। तब जाकर उन्हें इंडस्ट्री में जगह मिलती है। यह बात बिल्कुल सच हैं। लेकिन इस दिखावे को सब लोग नहीं कर पाते हैं। इसलिए सब लोग सेलिब्रेटी भी नहीं बन पाते हैं। दिखावा करने के लिए अपने को भूलना पड़ता है। फिर खुद को बाॅलिवुड के ढ़ंग में ढालना होता है। जो दिखावे के सांचे में फिट हो जाते हैं। वह बाॅलिवुड इंडस्ट्री में प्रसिद्ध हो जाते हैं। आपको महँगी गाड़ी, महंगे कपड़े और उसके साथ बाकी चीज़ों का भी ध्यान रखना पड़ता है। अगर आप इन सब चीज़ों में चूक गए तो आप इंडस्ट्री से लगभग आउट हो जाते हैं। अमीर होते है हीरो और हीरोइन-  स्वभाविक सी बात हैं। जब आप सोने जैसा बनने के लिए उसके पीछे की तप को सहकर आते हैं। उसके बाद भी आप अगर साधारण से कपड़े, साधारँ चीज़ों का प्रयोग करेंगे तो आपको लोगों की चिंता सत

जीतता ही रहेगा दु:शासन?

द्वापरयुग का दु:शासन तो पराजित कर दिया गया किन्तु आज का दु:शासन हर दिन विजयी हो रहा है श्री कृष्ण ने द्रोपदी के चीर को विस्तार देकर उस युग में ही सदैव के लिए स्त्री के सम्मान और महत्व को रेखांकित कर दिया था किन्तु आज वही चीर चिथड़ा बन गया | बड़े दुःख की बात है की अन्यानेक देवियों का लीलास्थल और सम्पूर्ण विश्व को जीवन दर्शन ,ज्ञान का प्रदाता भारत में स्त्री के स्त्रीत्व को लुटकर वह सड़क प्र नग्न फेंकी जा रही है | सम्पूर्ण मानवता को कलंकित के देने वाला दुष्कर्म दिन दुगुनी रात चौगुनी बढ़ रहा है | आगे –आगे बलात्कार की खबरे छपती जा रही है और पीछे –पीछे बलात्कार की खबरे बन रही है | बलात्कार कोई घटना नहीं बलात्कार एक स्त्री की आत्मा को रोंदकर उसके जन्मभर की नृशंस हत्या करने वाला ऐसा कुकर्म है ,जो कभी अतीत नहीं बनता | जहाँ स्त्री को श्रेष्ट सर्वोपरि और पुर्वत्व प्रदात्री बताकर स्वयं शिव अर्धनारीश्वर कहलाए , हमारा देश भारत पिता नहीं , भारत माता कहलाया , वहाँ न आज दो माह की बच्ची सुरक्षित है और , न पैंतालिस वर्ष की माँ | इस विषय पर हम सरकार की बात नहीं करते क्योंकि उससे तो हमे केवल इस दुष्कर्म को

स्वामी विवेकानंद के विचारो की प्रासंगिकता

स्वामी विवेकानंद के विचारो की प्रासंगिकता स्वामी जी कहते है की हमारा धर्म ही हमारे तेज ,हमारे बल ,यही नही हमारे राष्ट्रीय जीवन का ही मूल आधार है | इस समय मैं यह तर्क वितर्क करने नहीं जा रहा हूँ कि धर्म उचित है या नहीं ,सही या नहीं और अंत तक यह लाभदायक है या नही | किन्तु अच्छा हो या बुरा , धर्म तो हमारे राष्ट्रीय जीवन का प्राण है ,तुम उससे निकल नहीं सकते | अभी और चिरकाल के लिए भी तुम्हे उसी का अवलम्ब ग्रहण करना होगा और तुम्हे उसी के आधार पर खड़े होना होगा ,चाहे तुम्हे इस पर विश्वास हो या न हो , जो मुझे है | तुम इसी धर्म में बंधे हुए हो , और अगर तुम इसे छोड़ दो तो चूर चूर हो जाओगे | स्वामीजी का चिंतन भारतीय सामाजिक व्यवस्था में बदलाव लाना था वे एक सन्यासी के रूप में समाज सुधारक थे | समाज के संदर्भ में उनके द्वरा दिया गया विचार आज भी प्रासंगिक  है | उन्होंने एक समाजशास्त्री की भांति समाज से जुड़े हुए कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर बड़ी गंभीरता से विचार किया है | स्वामीजी आगे कहते है की मेरा विचार है , पहले हमारे शास्त्र ग्रन्थो से भरे पड़े आध्यात्मिकता के रत्नों को ,जो कुछ ही मनुष्यों के अधिकार में

अध्यात्म में अनुभूति का महत्व

      अध्यात्म में अनुभूति का महत्व सृष्टि के प्रत्येक जीव में एक ही चेतना शक्ति कार्य कर रही है ,जिसे आत्मतत्व कहते है  | चूँकि आत्मतत्व सभी का एक ही है इसीलिए जगत के सभी जीव एक दुसरे के भाई बन्धु है , लेकिन सभी जीवो की प्रकृति और स्वभाव अलग-अलग होते है प्रकृति माया के वशीभूत होकर व्यवहार करती है इसलिए जीवो में काम , क्रोध ,लोभ ,अहंकार ,घृणा ,राग ,द्वेष आदि विकार भी आ जाते है | कहने का तात्पर्य यह है की आत्मतत्व की एकता के कारण हमे सभी से प्रेम करना है और प्रकृति के विकारो के कारण सभी से सावधान रहने की भी आवश्यकता है | जब मनुष्य को संसार से पूर्ण वैराग्य हो जाता है तब उसे सत्य का बोध होता है और सत्य का बोध होने के बाद उस व्यक्ति को जगत में भगवान स्वयं लीला करते हुए दिखते है, उसकी भेद दृष्टी भी समाप्त हो जाती है | ऐसे मनुष्य को फिर शास्त्रीय बातो की आवश्यकता नहीं रहती है | उसका स्वयं का जीवन और उसके अनुभव एक चलता फिरता और बोलता हुआ शास्त्र बन जाता है | वह जो कुछ भी कहता है – सत्य ही होता है जीवन का सत्य भी एक है , अलग –अलग नहीं है | भगवन बुद्ध कहते थे  – कोई बात इसलिए मत मान लो क्योंक

इंसानियत आज खो गयी है कहाँ

इंसानियत पर हिन्दी कविता इंसानियत आज खो गयी है कहाँ  कब जागेगा भारत का ये नौजवां दुनिया के रंग में बदल गया इन्सान कभी देता था दोस्त के लिए अपनी जान अब नहीं है वो बात चले गए वो दिन कहाँ ||               इंसानियत आज खो गयी है कहाँ वतन के लिए कुर्बानी देते थे हम कभी वतन को लूट रहे है कैसे – कैसे यहाँ आजादी तो मिली पर क्या देख रहे है समा               इंसानियत आज खो गयी है कहाँ आनेवाले दिनों में तो आतंक का खतरा बढ़ा हर आदमी एक दुसरे से पेश आ रहा है तगड़ा आनेवाला जमाना देखने हम नहीं रहेंगे वहाँ               इंसानियत आज खो गयी है कहाँ हर इन्सान जताता है अपना अपना हक यहाँ इन्सान की नीति पर  तो आज हो गया है शक यहाँ दुनिया बदल गयी है तो कानून भी बदला यहाँ               इंसानियत आज खो गयी है कहाँ काम करे तो भी पैसा नहीं ये कैसी राजनीती यहाँ बेरहम जो लोग हुए भृष्टाचार सरकार यहाँ फंस गया है मुसीबतों में भारत का ये नौजवां                 इंसानियत आज खो गयी है कहाँ ||

पद्मावती फिल्म विवाद - Padmavati Film Controversy

फिल्मों में विवाद एक तरफ़ विद्या बालन की फिल्म सूलू पसंद आ रही है दर्शकों को। वहीं पद्मावती जो कि अभी तक रिलीज़ नहीं हुई उसको लेकर लोगों में मतभेद है। हांलाकि संजय लीला भंसाली जी की कोई भी फिल्म खराब नहीं होती समाज को और लोगों को बहुत पसंद आती है। परंतु इस बार भंसाली जी के चर्चों में आने का कारण यह है कि उन्होंने इस बार सूफ़ी ग्रंथ पद्मावती को लिखने वाले मलिक जायसी जी के ग्रंथ के साथ खिलवार किया है। राजा रत्नसन के वास्तव जीवन की पहली पत्नी रानी नागमती थी। परंतु, पूरे फिल्म में रानी नागमती का वर्णन नहीं मिला है। प्रेमिका पद्मावती थी उसका वर्णन फिल्म में दिखाकर भंसाली जी समाज को क्या संदेश देना चाहते हैं। यह समझ नहीं आ रहा है। अलाउद्दीन खलजी जो खलनायक था उसके साथ पद्मावती का कोई संबंध नहीं था। परंतु फिल्म में इनके भी प्रेम संबध को दिखाया गया है। यही कारण है कि राजस्थान के लोग और अन्य राज्यों में भी इस फिल्म का विरोध किया जा रहा है। इस बात का थोड़ा क्षोभ हिन्दी साहित्य के लोगों एवं इतिहासकारों के बीच में भी हैं। पद्मावती को पाठ्यक्रम में भी शामिल किया गया है इतिहास और हिंदी के स्नातक ए

जानिए, क्या है धर्म का वास्तविक अर्थ

धर्म नि:संदेह संस्कृति का प्राण है कृति का अर्थ है – कार्य | जब कृति परमात्मा से संयुक्त होकर संचालित होती है,तब संस्कृति कहलाती है | धर्म – जो शाश्वत है,अपरिवर्तनशील है,सनातन है | अधर्म – जो आज है ,किन्तु कल नहीं रह जाएगा ,नश्वर है | पुनर्जन्म का सिलसिला तबतक नहीं टूटेगा ,जब तक मन के निरोध और विलय के साथ परमात्मा ( स्वयं का स्वयं के साथ मिलन ) का साक्षात्कार करके उसी परमभाव में स्थित न हो जाएं परमतत्व सत के साथ आत्मा की एकात्मता को कैवल्य कहते है | यही समस्त जीवो का  अंतिम लक्ष्य है सम्पूर्ण ह्रदय से मन को समेटकर उसके चरणों में लगा दो ,वे तुरंत प्रकट हो जायेंगे | धर्म का मतलब वह विधि ,मान ,नियम ,कर्म और जीवन जिसको धारण किया जाता है और जो सब पदार्थो को एकत्र धारण करता है | धर्म (मानसिक सच्चरित्रता ) अनुभूति है , कोई मत नहीं है | वह (धर्म) आकाश ,हवा ,धुप वृक्ष की छाया और वर्षा के पानी की तरह सर्वव्यापी व् सार्वजानिक है धर्म वह है की जब हम उसकी ओर झुकाव ले तो वह हमे धारण के ले , मार्ग बताने लगे , ऊँगली पकडकर चलाने लगे ,ह्रदय से रथी बन जाये ,ह्रदय में ईश्वरीय आदेशो का सूत्रपात होने लगे |

पीरियड्स में दर्दनिवारक का काम करेंगे ये फूड्स

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पीरियड्स में दर्दनिवारक का काम करेंगे ये फूड्स दर्द के कारण पीरियड्स कई बार बहुत ही कष्टदायक हो जाते है ऐसे में अपने रोजमर्रा के काम जारी रखने के लिए हमारे पास दर्दनिवारक दवाईयों का सहारा लेने का अलावा कोई विकल्प नही बचता | लेकिन क्या आप जानती है की इस दवाईयों का अधिक सेवन करने से आपको साइड इफेक्ट्स के रूप में की नई मुश्किलो का सामना करना पड़ सकता है | ऐसे में कई फूड्स आपके लिए वरदान साबित हो सकते है जो आपको बिना नुकसान पहुंचाए आपके दर्द को ख़त्म करने की क्षमता रखते है पीरियड्स के दर्द से छुटकारा पाने के लिए आप इन खाध पदार्थों को आजमाए ,इनका असर देखकर आप खुद ही चोंक जायेंगे | पाइनएप्पल – यह फल आपकी मांसपेशियो को आराम देकर दर्द से मुक्त करने में सहायता करता है इसके अलावा यह पेट को फूलने से भी रोकता है और यह फल रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढाता है, आप चाहे तो इस फल का जूस के रूप में इसका लुप्फ़ उठा सकते है |   अखरोट – अगर आपको स्नेक्स खाना बहुत पसंद है तो मुट्ठी भर अखरोट खाएँ यह आपको बॉडी को भरपूर ओमेगा ३ फेटि एसिड उपलब्ध करवाएगा, जी की एक प्राकृतिक दर्दनिवारक का काम भी करता है ऐसे में अखरोट खा

बिजनेस शुरू करने से पहले खुद से पूछे यह 5 सवाल

बिजनेस शुरू करना कोई आसन काम नहीं है लेकिन इसमें सबसे बड़ी चुनौती होती है यह जानना की क्या आपका निर्णय सही है ? जब आप नौकरी कर रहे होते है ,तब कोई निर्णय लेना आसान होता है क्योंकि वह अधिकतर एक समूह में लिया जाता है और इसके पीछे कई लोग होते है वही ,जब आप अपना खुद का बिजनेस करते है ,तब सभी फैसलो के लिए आप ही जिम्मेदार होते है | आपको  बिजनेस शुरू करने से पहले खुद को समय देना चाहिए ताकि आप खुद को आने वाली जिम्मेदारी के लिए तैयारी कर सके | बिजनेस शुरू करने से पहले कुछ महत्वपूर्ण सवाल है जो खुद से जरुर पूछे , जानिए वो सवाल कौन कौन से है ? 1. सवाल – किस समस्या को सुलझा रहे है ? कोई भी बिजनेस शुरू करने स पूर्व खुद से सबसे पहले थ सवाल अवश्य पूछे की इसमें आप किस समस्या का समाधान करने का प्रयास कर रहे है ? अगर आप सामाजिक तौर पर महत्वपूर्ण किसी समस्या को सुलझाने की कोशिश नहीं कर रहे है तो हो सकता है की आप और आपका बिजनेस असफल हो जाए | वही जब आप लोगो की किसी समस्या को ध्यान में रखते हुए कोई बिजनेस शुरू करते है तो लोग आपके प्रोडक्ट और सर्विस को जरुर लेंगे | इससे आपका बिजनेस सफलता की ओर आगे बढने लगता ह

मैं एक नारी हूं- नारी पर कविता

  मैं एक नारी हूं रात के अंधेरे में निकलने से अब डर लगता है , कहीं अंधेरे में कुछ अनहोनी हो गई तो , कल कटघेरे में सर झुकाकर मैं रहूंगी , मेरा गुनेहगार खुले आम सर उठाकर घूमेगा , हज़ार लोगों के सवालों के घेरे में मैं रहूंगी , मैं , पूंछती हूं क्यों ? मेरी गलती क्या थी जो रात के अंधेरे में मेरी बली चढ़ गई। कोई कहेगा मेरे पहनावे में दोष था , दोष मेरा नहीं उस दानव के नज़रों में था , पर किसी ने यह नहीं कहां। अंधेरी रात में किसी ने मेरी आबरुह को चोट पहुंचाई , फिर पूरे अदालत में विपक्ष के वकिलों ने घिनौने सवाल ने। न कोई कोना है जहां मैं सुरक्षित हूं , नेता वादे करते है सुरक्षा की पर मैं तो परिवार के साथ भी असुरक्षित हूं। क्या मैं सुरक्षित हूं , नहीं। सदियों से मेरे इज्जत को लूटा जा रहा। सब चुप है , जुल्म हो रहे है। कानून ढीली है , जहां की , वहां पल पल गुजारना अब मुश्किल है। कब होंगी सुरक्षित मैं......   मैं नारी आखिर कब तक डरकर जिऊंगी मैं..... ?

वाहन बीमा की जानकारी - मोटर पालिसी क्यों है जरूरी

         मोटर (वाहन) बीमा क्यों खरीदें आज के इस आधुनिक समय में सड़क से यात्रा करने में बहुत खतरा मालुम होता है । आये दिन कोई न कोई सड़क दुर्घटना होती रहती है , जिससे हमारे  जीवन और परिवारों को तबाह कर सकती है। ऐसी किसी त्रासदी की स्थिति में, हम सभी को मोटर बीमा अवश्य खरीदना चाहिए , मोटर बीमा कराने से हमे वित्तीय सहायता मिलती है। और वाहन को होने वाली क्षति का भरपाई भी बीमा कंपनी करती है बिना बीमा के सार्वजनिक स्थल पर मोटर वाहन चलाना, मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के अनुसार यह एक दण्डनीय अपराध भी है। इसलिए इस अपराध से बचने हेतु मोटर मालिको को अपने वाहनों का बीमा कराना ज़रूरी होता है, मोटर बीमा के कुछ रूप, कानूनन अनिवार्य हैं, इसलिए आपको मोटर बीमा से परिचित अवश्य होना चाहिए। जब भी आप मोटर बीमा पॉलिसी खरीदें , तो इन बातों का ध्यान जरुर रखना चाहिए:- आप मोटर बीमा पॉलिसी को किसी के भी माध्यम से खरीद सकते हैं और इसे आपके वाहन के डीलर के माध्यम से खरीदने की बाध्यता नहीं है | प्रस्ताव फार्म खुद ही भरें, चाहे वाहन डीलर ने बीमा के लिए व्यवस्था की हो प्रस्ताव फार्म को पूरी सावधानी से, और तथ्यपूर्ण

Merchant Banking Services व्यापारी बैंकिंग और इसकी सेवाएं क्या हैं

       व्यापारी बैंकिंग और इसकी सेवाएं   क्या हैं     ऐसा बैंक जो कॉर्पोरेट कंपनियों की जरूरतों को पूरा करते हैं व्यापारी ( मर्चेंट) बैंकिंग  कहलाते है, व्यापारी बैंकिंग आमतौर पर एक शुल्क के लिए कंपनी के लिए मार्गदर्शन और सेवा का प्रावधान है, जो एक व्यापारी  को एक नया व्यवसाय शुरू करने के लिए  पूंजी जुटाने , मौजूदा व्यापार का विस्तार और आधुनिकीकरण में सहायता करता है ,  स्टॉक एक्सचेंज पर यह व्यवसाय का पुनर्गठन या कंपनियों को पंजीकृत करने, संपत्ति खरीदने और बेचने में मदद कर सकता है | व्यापारी बैंकिंग की सेवाएं - ग्राहकों के लिए वित्तपोषण करना:  व्यापारी बैंक अपने ग्राहकों को शेयर, डिबेंचर, बैंक ऋण इत्यादि के माध्यम से वित्त जुटाने में सहायता करती है। इससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार से वित्त जुटाने में ग्राहकों की मदद मिलती है। इस धन का उपयोग एक नया व्यवसाय या प्रोजेक्ट शुरू करने या व्यवसाय के आधुनिकीकरण या विस्तार के लिए किया जा सकता है। स्टॉक एक्सचेंज:  मर्चेंट बैंकर स्टॉक एक्सचेंज में दलालों के रूप में कार्य करते हैं। वे अपने ग्राहकों की ओर से शेयर खरीदने और बेचते हैं प्रोजेक्ट  

वृद्धावस्था-पर-लेख Essay on Old Age

वृध्दावस्था जीवन की वह अवस्था है जिसमे शरीर कमजोर व् अशक्त हो जाता है तथा दुसरो की सहायता चाहता है इन अवस्था में व्यक्ति परिजनों का अपनापन व् उनका प्यार चाहता है    लेकिन दुर्भाग्य से उसे मिलती है परिजनों से उपेक्षा , जिसके बारे में वह सोच भी नहीं सकता , क्योंकि जिन हाथो से उसने अपने बच्चो को चलना सिखाया , उनकी हर सुख सुविधा का ध्यान रखा , जीवन के इस पड़ाव में उसके वही बच्चे उसका ध्यान रखना तो दूर उससे ठीक से बात करना भी    पसंद नहीं करते | ६० वर्ष का होने पर अधिकतर व्यक्ति सेवानिर्वत होना चाहते है और उनके बच्चो को अपनी जिम्मेदारी सौंपकर उन्हें आगे बढ़ाना चाहते है , लेकिन एक सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक पता चला है की देश में ७२ प्रतिशत बुजुर्ग इस उम्र में भी अपना पेट भरने के लिए अथवा अपनी आर्थिक आवश्कताओं की पूर्ति के लिए नौकरी या अन्य कोई काम करने के लिए विवश है | यही नहीं आज की इस युवा पीढ़ी में बुजुर्गो के प्रति असंवेदनशीलता इस कदर बढ़ी है की इस उम्र में उनकी मदद करना तो दूर ,  वे उन्हें और श्रम करने और पैसा कमाकर देने के लिए मजबूर करने में शर्मिंगी भी महसूस नही करते  | आज का कडुआ सच तो यह

स्वामी विवेकानंद के उपदेश - Swami Vivekananda Thoughts

स्वामी विवेकानंद के उपदेश -   swami vivekananda thoughts in Hindi कायर लोग ही पापाचरण करते है , वीर पुरुष कभी पापाचरण नहीं करते है - यहाँ तक कि कभी वे मन में भी पाप का विचार नहीं लाते | यदि भारत को महान बनना है इसका भविष्य उज्ज्वल बनाना है तो इसके लिए आवश्यकता है संगठन की और बिखरी हुए इच्छाशक्तियों को एकत्र करने की | बुद्धिमान पुरुष वही है जो प्रत्येक कार्य को अपने लिए रुचिकर बना ले | दुनिया तभी पवित्र हो सकती है जब हम स्वयं पवित्र और अच्छे हो | ब्रहमाण्ड की सारी शक्तियाँ पहले से हमारी है वो हम ही है जो अपनी आखोँ पर हाथ रख लेते है और फिर रोते है की कितना अन्धकार है | हम वो है जो हमारी सोच ने बनाया है इसलिए इस बात का ध्यान रखिये ,की आप क्या सोचते है शब्द गौण है विचार प्रमुख है वे दूर तक यात्रा करते है | भला हम भगवान् को म खोजने कहाँ जा सके है अगर उसे अपने ह्रदय और हर एक जीवित प्राणी में नहीं देख सकते है | कोई तुम्हे पढ़ा नही सकता ,कोई तुम्हे आध्यात्मिक नहीं बना सकता , तुमारी आत्मा ही गुरु है | बल ही जीवन है और दुर्बलता ही मृत्यु ही | खुद को कमजोर समझना सबसे बड़ा पाप है धर्म को लेकर भी विव

भाग्यशाली बनने के लिए ये 4 बाते सीखनी होगी

ये चीजे आपको बना सकती है भाग्यशाली वैसे तो सभी लोग भाग्यशाली होते है लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते है जिन पर किस्मत ज्यादा ही मेहरबान होती है हालांकि ऐसे लोगो के कुछ खास रहस्य और आदते होती है जो उन्हें भाग्यशाली बनाते है | अगर आप भी खुद को भाग्यशाली बनना चाहते है तो आपको यह चीजे सीखनी होगी खुद पर भरोसा करे – खुद के सहजज्ञान पर विश्वास करना भी आपको भाग्यशाली बनाता है ,जब आप अपने भीतर की आवाज पर विश्वास करते हुए कोई भी निर्णय लेते है तो भाग्य भी आपका साथ देता है ,वही हमेशा दुसरो की बात मानकर आप कभी भाग्यशाली नहीं बन सकते है | लोगो को आकर्षित करना सीखे -   भाग्यशाली लोग ज्यादा लोगो से बात करते है अधिक से अधिक लोगो को जानने और समझने की कोशिश करते है | वह लोगो को अपनी ओर आकर्षित करने का प्रयास करते है और उनके साथ हमेशा सम्पर्क में रहते है उनकी यही आदते उनके रिश्ते को मजबूत करती है और उनके लिए भाग्यशाली साबित होती है | खुद को साबित करे -   भाग्यशाली लोग वे होते है जो खुद को साबित करते है और लोगो को बताते है की क्यों उनकी काबिलियत पहचान के लायक है | आप भी यह सुनिश्चित करे की लोग न केवल यह समझे क

कैसे लाएँ जीवन में खुशी How to Be Happy In Life

आम तौर पर लोग नहीं जानते कि ख़ुशी क्या है ? ढेर सारे पैसे , ऐशोआराम होते हुए भी आज लोग खुश नहीं होते , जबकि कुछ लोग ऐसे भी है , जिनके पास कुछ नही होता , फिर भी वे खुश रहते है , सच तो यह है कि ख़ुशी कही बाहर नहीं मिलती , बल्कि हमारे अंदर हर समय मोजुद रहती है जिसे हम देख नहीं सकते , पर महसूस कर सकते है | एक मनोवैज्ञानिक पीट कोहेन के अनुसार – वे लोग सबसे ज्यादा दुखी रहते है ,जो नकारात्मक चीजो पर ज्यादा ध्यान देते है जैसे – जीवन में क्या क्या गलत है या उन्हें किया नहीं मिल पाया है | इसके विपरीत वे लोग कम से कम में भी सुखी है जिन्हें जो कुछ भी मिला है ,वे उसी से संतुष्ट है | मनोवैज्ञानिक के अनुसार , नकारात्मक तत्व हमारे जीवन में दुःख ,असंतोष व् अशांति का संचार करते है ,जबकि सकरात्मक तत्व हमे आंतरिक खुशी ,संतोष व् शांति देते है | ख़ुशी बाजार में मिलने वाली कोई वस्तु नहीं ,जिसे पैसे देकर ख़रीदा जा सके | इसका कोई आकार नहीं होता और न ही इसे चुराया जा सकता है | खुशी छोटी या बड़ी नहीं होती और नहीं ये बड़ी चीजो को हासिल करने से बनी रहती है यह तो जिन्दगी की छोटी छोटी चीजो से हमे मिलती रहती है बस ,हमे उन्