बच्चो में निराशा के कारण Causes Depression in Children

चिंतन हमारे विचारो , क्रियाकलापों व् व्यवहारों की जननी है | विधेयात्मक चिंतन हमे स्वस्थ ,उतम व् उच्च स्तर का जीवनयापन करने की प्रेरणा देता है और निषेधात्मक चिंतन हमे पतन , पराभाव और निकम्मा बना देता है |

आजकल परीक्षाफल आने से पूर्व या परीक्षा में कम अंक मिलने पर बच्चो में निराशा छाने से वे अतिवादी कदम उठाते है |  बच्चो में आखिर इतनी निराशा हताशा का क्या कारण है जिससे वे इतने कुंठाग्रुस्त हो जाते है ?

ये एक गंभीर विषय है क्योंकि किसी परीक्षा में अंक आने पर उनका जीवन समाप्त नही हो जाता | बच्चो में बढती हुई इस प्रवृति का मुख्य कारण उनको मिलने वाली उद्देश्य विहीन और असंतुलित शिक्षा ही है|  ऐसे में माता –पिता के साथ ही शिक्षको की यह नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी है की वह बच्चो को केवल परीक्षा तथा करियर के लिए ही न तैयार करे उन्हें जीवनोपयोगी ज्ञान के साथ ही साथ सामाजिक और आध्यामिक शिक्षा प्रदान कर उसे सम्पूर्ण जीवन की परीक्षा के लिए तैयार करे , ताकि उसके सम्पूर्ण व्यक्तित्व का विकास हो सके |  इसके साथ ही बच्चो को यह समझना होगा की जिन्दगी ईश्वर की अनमोल धरोहर है और उसे कायरो की तरह बर्बाद न करे |

बच्चे अपने माता –पिता को बहुत प्यार करते है वे अपने माता – पिता को दुखी नहीं देखना चाहते | माता –पिता ,अभिभावकों ,रिश्तेदारो , व सहपाठियो द्वारा परीक्षा में कम अंक आने पर बार –बार  पूछने पर बच्चे हीन भावना से ग्रसित होकर दुखी हो जाते है | माता –पिता से अपनी पीड़ा को अभिव्यक्त करने का साहस जुटा नहीं पाते है |तनाव के चलते बच्चे आत्महत्या तक करने का गलत निर्णय ले लेते है | ऐसी विषम परीस्थिति में मनोवैज्ञानिक ढंग से बच्चो का उत्साहवर्धन करने की बहूत जरुरी है उत्साह , जीवन की सबसे बडी शक्ति है | निराशा सबसे बडी कमजोरी है | एक निराशा का विचार सारे जीवन को दुःख दायी बना देता है | अत : हमे बड़ी असफलता में कभी भी निराश नहीं होना चाहिए | हमारा यह विश्वाश होना चाहिए की ईश्वर सदा हमारे ह्रदय में रहते हुए हमारा मार्गदर्शन करता है | प्रभु-प्रार्थना मनुष्य को फौलाद की तरह शक्तिशाली बना देती है |

माता –पिता को भी अपने बच्चे की हिम्मत को टूटने नहीं देना चाहिए बल्कि उसकी हिम्मत को बढाना चाहिए | इस अमूल्य मानव –जीवन को आत्महत्या करके नष्ट करने का निर्णय तो बच्चो को भूल कर भी नहीं लेना चाहिए | अनेक ऐसे व्यक्तियों के उदाहरण हमारे समक्ष है जिन्होंने अध्यात्म , शिक्षा , व्यवसाय ,योग ,समाज सेवा ,प्रशासन ,विज्ञान आदि क्षेत्रो में शून्य से शिखर पहुँचने की मिसाल कायम की है | यह जीवन ईश्वर का अमूल्य व अनुपन उपहार है इसे नष्ट न करे |

इतिहास इस बात का गवाह है की दुनिया में कोई भी इंसान ऐसा नहीं है , जो बिना असफलता के आगे बढ़ा हो | सफलता का मार्ग असफलता से होकर गुजरता है | असफलता यह सिद्ध करती है की सफलता का प्रयास पुरे मन से नहीं किया गया | एक प्रयास और करने की आवश्यकता है | हिम्मत कभी ना हारो घोड़े की सवारी करने वाले ही नीचे गिरते है ,घुटनों के बल चलने वाले बालक कभी नहीं गिरते है |

असफलता एक चुनौती है इसे स्वीकार करो क्या कमी रह गई ,देखो और सुधार करो | क्योंकि लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती ,और कोशिश करने वालो की कभी हार नहीं होती | अत : प्रत्येक बच्चे को अपने आत्म विश्वास को जगाने के लिए इस वाक्य को प्रतिदिन अधिक से अधिक दोहराना चाहिए की मैं यह कर सकता हूँ , इसलिए मुझे यह करना है |

 

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