संगीत पर निबंध - संगीत लोगो को अधिक बुद्धिमान और चतुर बना सकता है

ब्रिटश साइकोलोजिस्ट डॉक्टर एम्पा ग्रे का मानना है की संगीत हमे ज्यादा बुद्धिमान बनाता है | डॉक्टर एम्पा ग्रे ने पाया की कुछ खास पॉप संगीत लोगो को अधिक बुद्धिमान और चतुर बना सकता है | उनके अनुसार लोग स्वाभाविक तौर पर सुकून देने वाला गीत – संगीत पसंद करते है , लेकिन प्रति सेकंड ५० से ८० स्पंदन वाले पॉप गाने मस्तिक को अधिक आसानी से सीखने और नए तथ्यों को याद करने को प्रेरित करते है |

पश्चिमी गीत – संगीत पर आधरित अपने अध्धयन के आधर पर ग्रे ने कहा की पढाई के दोरान पॉप संगीत सुनने से , मस्तिष्क को तार्किक तरीके से विचार करने में मदद मिलती है | ग्रे लन्दन स्थित ब्रिटिश कोनिग्तिव बिहेवियरल थैरेपी एंड कोउन्स्ल्लिंग सर्विस में विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत है | उनके अनुसार पॉप और रोक गाने जोश भाषा , कला और नाटक समेत कई विषय में रचनात्मक प्रदर्शन को उन्नत बनाने में सहायक है | उनका कहना है की पढाई के दौरान शास्त्रीय संगीत सुनने वाले विद्यार्थी गणित में बेहतर प्रदर्शन करते है |

ये भी पढ़े - एकता की अद्भुत शक्ति पर निबंध 

पॉप गायिका केटी पेरी का फायर वर्क , पॉप गायिका मिली है का वि कांट स्टाप और पॉप गायक जस्टिन टिंबरलेक के मिरर में इसी तरह के पॉप गाने है , जो मस्तिष्क को अधिक आसानी से सिखाने और नये तथ्यों को याद करने के लिए प्रेरित करते है | भारतीय शास्त्रीय संगीत में ध्वनी या नाद को ब्रह्मा माना जाता है | यह शांति और एकाग्रता देता है |

गौरतलब है की  मन मस्तिष्क पर विभिन्न राग –रागगिनियो का सकारात्मक प्रभाव पड़ता है , माना जाता है की राग पुरिया व् धनश्री अम्लीयता से , राग भोपाली और तोड़ी उच्च रक्तचाप से राहत दिलाते है , राग बिहग नींद सम्बन्धी अनियमितता को दूर करने में मददगार माना जाता है अस्तित्व आर्कस्ट्रा है और हमे इसके साथ लयबध्द  होना है इसके साथ लयबध्द  होना ही धर्म है

इसी कारण सभी धर्मो ने किसी न किसी से संगीत का उपयोग किया है और इसी कारण मानव मस्तिष्क को ,मानव ह्रदय को , संगीत इतना पसंद आता है क्योंकि कभी – कभी सुरीला संगीत सुनते सुनते आप ब्रह्मांड के साथ लयबध्द   हो जाते हो , विशेष रूप से शास्त्रीय संगीत के साथ – वो चाहे फिर पूर्व का या पश्चिम का | बीथोवन को सुनते हुए तुम किसी और ही लोक में डूबने लगते हो , एक अलग ही समष्टि उतरने लगती है तुम विचारो में नहीं रह जाते हो – तुम अलग ही आयाम में चले जाते हो वह महान संगीत तुम्हे चारो तरफ से घेर लेता है वह तुम्हारे ह्रदय के साथ बजने लगता है एक सुरबुधता बनने लगती है जिसमे तुम खोने लगते हो |

महान संगीत में यही फर्क होता है यह तुम्हे पूर्ण के साथ एकाकार होने की झलक देने लगता है – कुछ क्षणों के लिए ही सही तुम अज्ञात के हाथ में चले जाते हो और गहन शांति और आनन्द तुम्हारे भीतर छा जाता है |

हो सकता है की तुम्हे पता ही नहीं चले की क्या हुआ , लेकिन महान उस्ताद , महान संगीतकार कुछ मौलिक का सृजन कर रहे है यह मौलिक सृजन अस्तित्व की  लयबध्दता के अनुरूप संगीत पैदा कर सको , तो जो उस संगीत को सुन रहे है वे भी इसी लयबध्दता में एकाकार होने लगते है |

Comments

Popular posts from this blog

LeadArk Review Hindi 2020- Earn Daily 3000 Rs From Home

What is tally

मन और बुद्धि के बीच क्या अंतर है?